सरकार ने ‘मर्जर’ पर दिया गलत जवाब: गौर

On Date : 20 March, 2017, 2:38 PM
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पूर्व CM ने विधानसभा में आए जवाब पर उठाए सवाल
विधानसभा संवाददाता, भोपाल। विधानसभा में आज पूर्व मंत्री बाबूलाल गौर ने सरकार को घेरते हुए कहा कि विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों का सरकार गलत जवाब दे रही है। भोपाल की मर्जर एक्ट के दायरे में आने वाली जमीन के मामले में सरकार द्वारा दी गई जानकारी पर आपत्ति करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे पास इसके रिकार्ड हैं और सदन में जरूरत होने पर पेश कर सकता हूं।  गौर नेविधानसभा में प्रश्नोत्तर काल के दौरान ये बातें कहीं। विधायक हर्ष यादव ने मर्जर की जमीन को लेकर सवाल किया था कि वर्ष 2002 से 2009 तक मर्जर मामले में अरबों रुपए का भ्रष्टाचार हुआ है। इस मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई हो। इस पर जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मर्जर का मामला 1950 से चल रहा है। तब अमल नहीं हो पाया था। इस पर हर्ष यादव ने जांच की मांग की तो मंत्री मिश्रा ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है जिसे एक एनजीओ ने पेश किया है। इसलिए न्यायालय का फैसला आने तक कुछ नहीं किया जा सकता। हर्ष यादव ने इस मामले में विधानसभा से भी कमेटी बनाकर जांच की मांग की। इस पर मंत्री ने कहा कि कोर्ट का फैसला आते ही कार्रवाई करेंगे।
 
पीड़ित का दावा: भारत सरकार के आदेश के बाद हलालपुर की जमीन पाकिस्तान से आए विस्थापितों को उनके क्लेम के बदले दी गई है। यह पुनर्वास विभाग द्वारा दी गई जमीन है। नवाब की जमीन से इसका कोई लेना देना नहीं है। मर्जर मामले में कलेक्ट्रेट के अफसरों ने गलत सूची बनाई है और अफसरों के नाम जबरन घसीटे हैं। इस मामले में सरकार के प्रवक्ता तथा जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा को जानकारी दी गई है। साथ ही राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को भी पूरे दस्तावेज दे रहे हैं।
पुरुषोत्तम तोतलानी,पीड़ित
 
रिटायर्ड अफसर तिवारी का दावा, जानबूझकर कर रहे गुमराह 
रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर श्रीराम तिवारी ने इस मामले में अपना नाम आने पर कहा कि मर्जर की जमीन पर नामांतरण करने के मामले में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को दोषी बताए जाने के मामले में गुमराह किया जा रहा है। जिस मामले को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नीति बनाने की घोषणा की और उस पर काम भी हो रहा है। उसे पलीता लगाने के लिए कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की टीम इस तरह की रिपोर्ट भेजकर दवाब बनाने की कोशिश कर रही है। जिन अधिकारियों को इस मामले में उलझाया गया है, उन्हें आपसी विवाद के कारण भी फंसाया जा रहा है। मैंने हमेशा ही सरकार के हित में काम किया है। ऐसे में जबरन मेरे विरुद्ध रिपोर्ट भेजने पर न्यायालय में केस दायर करने जा रहा हूं।

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