ओवरनाइट रूट्स पर 250 kmph की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

On Date : 13 February, 2018, 9:04 AM
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नई दिल्ली : अगर आप रात में रेल यात्रा करते हैं तो यह आपके लिए अच्छी खबर है। सरकार ओवरनाइट इंटरसिटी सफर को और तेज बनाने पर विचार कर रही है। इस वर्ष अप्रैल में घोषित होने वाले नए हाई स्पीड कॉरिडोर्स पर ट्रेनें 200-250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे बोर्ड को हाईस्पीड कॉरिडोर्स की पहचान करने और निर्माण लागत को आधा करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

एक उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि गोयल अप्रैल 2018 में ऐसे10 हजार किलोमीटर नए हाई स्पीड कॉरिडोर की घोषणा कर सकते हैं। जिन पर 200-250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ेंगी।

सूत्र ने बताया, 'योजना यह है कि ट्रेनें अपने गंतव्य पर ऐसे समय पर पहुंचे जिससे यात्री को घर पहुंचने के बाद दफ्तर जाने का पर्याप्त समय मिल सके।' एक अधिकारी ने कहा कि रेलवे हाई स्पीड कॉरिडोर के निर्माण पर आने वाली लागत को कम करने की योजना पर काम कर रहा है। फिलहाल हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने के लिए प्रति किलोमीटर 100 करोड़ रुपये का खर्च आता है, रेलवे की कोशिश है कि इसे घटाकर आधे से कम पर लाया जाए। इसके लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक खम्भे पर दो ट्रैक का कॉरिडोर तैयार करने या रेलवे की मौजूदा जमीन पर नए ट्रैक बिछाने पर भी विचार हो रहा है।

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इससे भूमि-अधिग्रहण की कीमत काफी कम हो जाएगी जो नया ऐक्ट आने के बाद किसी भी प्रॉजेक्ट पर होने वाला बड़ा खर्च है।'इस कदम से प्रॉजेक्ट की टाइमलाइन भी कमी आएगी। इसके साथ ही रेलवे छोटे रूट्स के लिए कॉरिडोर निर्माण पर भी विचार कर रहा है ताकि वह एयरलाइंस के विकल्प के रूप में सामने आ सके।

अधिकारी ने कहा, 'मुंबई और पुणे के बीच फिलहाल इंटरसिटी करीब तीन घंटे का समय लेती है। अगर हम सफर के वक्त को एक या डेढ़ घंटे तक ले आते हैं तो यात्री शायद हाई-स्पीड ट्रेनों का चयन करेंगे।'

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