VC एक साथ ले रहे पेंशन और पगार

On Date : 12 October, 2017, 1:00 PM
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ग्वालियर, ब्यूरो। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि यूनिवर्सिटी ग्वालियर के कुलपति मौजूदा प्रो.एके सिंह ने खुद के आर्थिक लाभ के लिए नयमों को एक तरफ रख दिया। उन्होंने वीसी पद का पूरा वेतन और पेंशन एक साथ लेकर शासन को लाखों रुपए की चपत लगाई है। तत्कालीन फायनेंस कंट्रोलर महक सिंह ने दोहरा आर्थिक लाभ लेने पर आपित्त लगाकर वीसी को ऐसा करने से मना भी किया। लेकिन वीसी ने मनमर्जी चलाते हुए उनकी कोई बात नहीं सुनी।  नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अनुचित लाभ लेते रहे। वीसी के वेतन और पेंशन की जानकारी के लिए शाजापुर के वीरेन्द्र सिंह कोहिल ने आरटीआई लगाई थी। प्रो. सिंह ने कृषि विवि से पूरा वेतन और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से पेंशन का भुगतान एक साथ लिया। सिंह आईसीएआर दिल्ली में उप महानिदेशक पद पर थे। वहां से प्रतिनियुक्त पर आकर 19 अगस्त 2012 को कृषि विवि के वीसी पद का कार्यभार संभाला। आईसीएआर से प्रो.सिंह अप्रैल 2014 में सेवानिवृत हो गए। इसके बाद इनकी मूल विभाग से करीब 37000 रूपए प्रति माह पेंशन बनी। जिसे उन्होंने लेना शुरू कर दिया,वहीं कृषि विवि में भी पूरा वेतन लेते रहे।
यह है नियम: नियमों के अनुसार कोई सेवानिवृत व्यक्ति किसी दूसरे शासकीय पद पर पदस्थ होकर सेवाएं देता है। तो वह पेंशन और वर्तमान में कार्यरत पद का पूरा वेतन एक साथ नहीं ले सकता। अगर संबंधित को पेंशन लेना है तो मौजूदा पद के कुल वेतन से पेंशन की राशि कटवाना चाहिए। ऐसा नहीं करना आर्थिक अनियमितता की श्रेणी में आता है। इस संबंध में वीसी प्रो.एके सिंह से बात करना चाही तो उनका कॉल रिसीव नहीं हुआ।

आरटीआई में मैने जानकारी निकलवाई है,जिसमें पता चला है कि कृषि विवि के वीसी प्रो.एके सिंह ने अप्रैल 2014 से दिसंबर 2016 तक पेंशन और वीस पर का पूरा वेतन एक साथ लिया है। नियमानुसार यह आर्थिक अनियमिता की श्रेणी में आता है। जिसकी शिकायत राजभवन में की गई,लेकिन मामले को रफादफा कर दिया।
-वीरेन्द्र सिंह गोहिल, आरटीआई एक्टिविस्ट

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