कारोबार : भारत सरकार की मिनी रत्ना कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने चालू वित वर्ष के शुरुआती दो महीनों यानी मई के अंत तक 16.41 मिलियन टन कोयले का उत्पादन कर लिया है. इस अवधि में कंपनी का कोयला प्रेषण (डिस्पैच) 16.57 मिलियन टन रहा है, जो पिछले वित वर्ष की समान अवधि के मुकाबले क्रमशः 16.82 फीसदी तथा 15.17 फीसदी अधिक है. पिछले वित्त वर्ष में मई तक कंपनी ने 14.05 मिलियन टन कोयला उत्पादन और 14.39 मिलियन टन कोयले का प्रेषण किया था.

चालू वित्त वर्ष में मई के आखिर तक एनसीएल के अमलोरी क्षेत्र ने 2.11 मिलियन टन, बीना ने 1.33 मिलियन टन, दुधीचुआ ने 2.62 मिलियन टन, जयंत ने 2.95 मिलियन टन, झिंगुरदा ने 0.43 मिलियन टन, ककरी ने 0.31 मिलियन टन, खड़िया ने 1.51 मिलियन टन, निगाही ने 3.04 मिलियन टन, कृष्णशिला ने 1.20 मिलियन टन तथा ब्लॉक-बी ने 0.91 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया.

इसी तरह, चालू वित्त वर्ष में मई की समाप्ति तक एनसीएल के अमलोरी क्षेत्र ने 2.02 मिलियन टन, बीना ने 1.27 मिलियन टन, दुधीचुआ ने 3.13 मिलियन टन, जयंत ने 2.62 मिलियन टन, झिंगुरदा ने 0.49 मिलियन टन, ककरी ने 0.35 मिलियन टन, खड़िया ने 1.74 मिलियन टन, निगाही ने 2.77 मिलियन टन, कृष्णशिला ने 1.17 मिलियन टन तथा ब्लॉक-बी ने 1.00 मिलियन टन कोयले का प्रेषण किया.

गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष में कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी एनसीएल को 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन और 100.5 मिलियन टन कोयला प्रेषण की जिम्मेदारी दी गई है. मार्च में समाप्त पिछले वित्त वर्ष में एनसीएल ने 93.01 मिलियन टन कोयले का उत्पादन और 96.73 मिलियन टन कोयले का प्रेषण किया था, जो किसी भी वित्त वर्ष में कंपनी का अब तक का सर्वाधिक कोयला उत्पादन एवं प्रेषण है.

पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का कोयला उत्पादन और प्रेषण दोनों ही निर्धारित लक्ष्य से अधिक रहा था. कंपनी को पिछले वित्त वर्ष में 93 मिलियन टन कोयला उत्पादन और 93 मिलियन टन ही कोयला प्रेषण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. कोयला प्रेषण का लक्ष्य कंपनी ने समय से 12 दिन पूर्व ही हासिल कर लिया था और कोयला उत्पादन लक्ष्य भी समय से पूरा कर लिया था.