नागपुर : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक हेडगेवार के जन्म स्थल पर पहुंच गए हैं। जिस दौरान उन्होंने हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हे मां भारती का महान सपूत बताया। इसके कुछ देर बाद वह संघ के तृतीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में शिरकत करेंगे। इस कार्यक्रम पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है। वहीं इसे लेकर राजनीति गलियारों में भी चर्चाएं भी जोरो पर हैं। पूर्व राष्ट्रपति ने हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पूर्व राष्ट्रपति शाम करीब 6.30 बजे समारोह को संबोधित करेंगे जिस दौरान करीब 700 स्वयंसेवक वहां पर मौजूद रहेंगे। बुधवार को जब पूर्व राष्ट्रपति नागपुर पहुंचे तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह भैयाजी ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। उनके साथ नागपुर महानगर संघचालक राजेशजी लोया और विदर्भ प्रांत के सह कार्यवाह अतुल मोघे भी उपस्थित थे।

बता दें कि आरएसएस ने अपने इस वार्षिक कार्यक्रम में प्रख्यात व्यक्तियों को आमंत्रित करने की परम्परा के तहत मुखर्जी को मुख्यातिथि के तौर पर आमंत्रित किया है। पूर्व राष्ट्रपति एक कार्यक्रम में भावी आरएसएस प्रचारकों को राष्ट्रवाद पर व्याख्यान देंगे। आरएसएस के निमंत्रण को स्वीकार किये जाने के बाद कांग्रेस के नेताओं ने मुखर्जी के इस कदम का विरोध किया लेकिन आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी ने इसके लिए उनकी सराहना की है।  कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मुखर्जी को चिट्ठी लिखकर आरएसएस के कार्यक्रम में नहीं जाने की सलाह दी थी।