पुणे : भीमा कोरेगांव मामले में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पुणे के जॉइंट पुलिस कमिश्नर रविंद्र कदम ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो पूछताछ के लिए गुजरात के बड़गाम से विधायक जिग्नेश मेवाणी को समन भेज सकते हैं।

इसके साथ ही मामले में नक्सलियों के साथ कनेक्शन के शक में रोना विल्सन और सुधीर की गिरफ्तारी पर बात करते हुए कदम ने कहा किरोना विल्सन के घर से हमे पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क और अन्य कुछ दस्तावेज मिले हैं। जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमें खबर मिली है कि रोना विल्सन और सुधीर के नक्सलियों के साथ संबंध हैं।

रोना विलिसन के घर छापेमारी के वक्त पुलिस के हाथ एक लेटर भी लगा है, जिसमें कांग्रेस के साथ विल्सन के तार जुड़े होने की बात की गई है। इस मामले में बात करते हुए कदम ने कहा कि लेटर में मिली जानकारी कितनी सच है और कितनी गलत ये तो जांच के बात ही पता चल पाएगा। इसके साथ ही कदम ने बताया कि एल्गार परिषद के आयोजन में कई लोगों की अहम भूमिका थी। मगर इनमें से सभी लोगों का नक्सलियों के साथ संबंध नहीं हैं।

बता दें पुणे पुलिस ने बुधवार को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में नक्सलियों से कथित तौर पर जुड़ाव के लिए मुंबई, नागपुर और दिल्ली से नामी दलित कार्यकर्ता सुधीर धावले समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।

पुणे पुलिस के सूत्रों के मुताबिक बुधवार को सुबह एक साथ कई छापे के दौरान धावले को मुंबई में उनके घर से गिरफ्तार किया गया, वकील सुरेंद्र गाडलिंग, एक्टिविस्ट महेश राउत और शोमा सेन को नागपुर से और रोना विल्सन को दिल्ली में मुनरिका स्थित उनके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया।

धावले एल्गार परिषद के आयोजकों में थे। शनिवारवडा में 31 दिसंबर को भीमा कोरेगांव लड़ाई के 200 साल पूरे होने के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। विश्रामबाग थाने में दर्ज FIR के अनुसार कबीर कला मंच के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिए थे, जिस कारण कोरेगांव भीमा में हिंसा हुई।