बिजनेस डेस्कः दुनिया की बड़ी टेक्नॉलजी कंपनी और चीन के अलीबाबा ग्रुप की सहयोगी ऐंट फाइनैंशल सर्विसेज में रतन टाटा का वेंचर फंड आरएनटी कैपिटल अडवाइजर्स लगभग 1008 करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट करेगा। आरएनटी कैपिटल को यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की इन्वेस्टमेंट यूनिट की फंडिंग भी हासिल है।

यह ऐंट फाइनैंशल के लिए लगभग 672-806 अरब रुपए के फंडिंग राउंड का हिस्सा होगा। इसमें कंपनी की वैल्यू लगभग 10,080 अरब रुपए लगने की संभावना है। इससे यह वैल्यूएशन के लिहाज से ऐप के जरिए कैब सर्विसेज देने वाले ऊबर को पीछे छोड़ देगी, जिसकी वैल्यू 4,704 अरब रुपए है। डील की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया, फंडिंग राउंड काफी ओवरसब्सक्राइब हुआ है और टाटा एकमात्र भारतीय इनवेस्टर हैं।

फंडिंग राउंड के अन्य बिडर्स में सिंगापुर की सरकारी इन्वेस्टमेंट कंपनी टेमासेक होल्डिंग्स, अमेरिका के प्राइवेट इक्विटी फंड वॉरबर्ग पिंकस और कार्लाइल और कनाडा की पेंशन फर्म CPPIB शामिल हैं। ऐंट फाइनैंशल के लिए वैल्यूएशन में यह बढ़ोतरी एक बड़ी उपलब्धि है। यह अगले वर्ष आईपीओ ला सकता है। 2016 में पिछले फंडिंग राउंड के दौरान इसकी वैल्यू 4,032 अरब रुपए लगी थी।

टाटा के लिए यह चीन की बड़ी टेक्नॉलजी कंपनियों में दूसरा इन्वेस्टमेंट होगा। उन्होंने 2015 में RNT असोसिएट्स के जरिए स्मार्टफोन मेकर शाओमी में व्यक्तिगत हैसियत से निवेश किया था। टाटा ने RNT असोसिएट्स के जरिए स्टार्टअप्स में व्यक्तिगत तौर पर इन्वेस्टमेंट करने की शुरूआत 2014 में की थी। वह अभी तक 30 से अधिक कंपनियों में इन्वेस्टमेंट कर चुके हैं। इनमें ई-कॉमर्स, पेमेंट्स और इलेक्ट्रिक वीइकल से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। टाटा का इन्वेस्टमेंट देश की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट सर्विस पेटीएम में भी है।