नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नेता उमर खालिद ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें और गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को जान से मारने की धमकियां मिली हैं और धमकी देने वाले ने खुद को फरार गैंगेस्टर रवि पुजारी बताया है। खालिद ने ट्वीट किया है कि उन्होंने दिल्ली पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।  छात्र नेता ने ट्वीट किया, ‘‘जिग्नेश मेवाणी और मुझे रवि पुजारी की ओर से जान से मारने की धमकियां मिलने की शिकायत दिल्ली पुलिस में दर्ज। पुजारी ने कहा है कि मैं उसकी हिट लिस्ट में हूं। मैंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है और यह तथ्य भी दिया है कि यह वही व्यक्ति है जिसने इसी तरह 2016 में भी मुझे जान से मारने की धमकी दी थी।’’    

 खालिद ने पुलिस ने दर्ज कराई शिकायत
 खालिद ने कल पुलिस में इसको लेकर शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस अधिकारी का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं। छात्र नेता ने बताया कि मेवाणी ने उन्हें धमकियों के बारे में बताया। जबकि खुद उनके पास अब तक धमकी भरा फोन नहीं आया है। खालिद ने  बताया, ‘‘मेवाणी को पिछले दो-तीन दिन से धमकियां मिल रही हैं। धमकी देने वाले ने एक बार कॉल में मेरा नाम लिया। धमकी देने वाले ने कहा कि अगर हम लोग भाषण देना बंद नहीं करेंगे तो हमारी हत्या कर दी जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि मेवाणी ने उन्हें धमकी की जानकारी दी और उन्होंने इस मामले में पुलिस से संपर्क किया। इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कहा है कि धमकी की जांच करेंगे और पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने पर फैसला करेंगे।

मेवाणी को आ रहे हैं धमकी भरे फोन
मेवाणी ने भी कल दावा किया था कि उन्हें पुजारी की तरफ से धमकियां मिल रही हैं। जब खालिद से पूछा गया कि क्या ये धमकी भरे कॉल उन्हें भीमा-कोरेगांव के संबंध में छह जून को पुणे पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियां के बाद आनी शुरू हुईं तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पुजारी ने उन्हें यह नहीं बताया कि वह भीमा-कोरेगांव के संबंध में कॉल कर रहा है। वह इसे महज संयोग नहीं मानते हैं कि जिस दिन गिरफ्तारियां हुईं, उसी दिन से मेवाणी को धमकी भरे फोन आने शुरू हो गए। एलगार परिषद ने कोरेगांव भीमा युद्ध के 200 साल पूरे होने पर पिछले साल 31 दिसंबर को शनिवारवाड़ा में कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में मेवाणी, खालिद और रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला और भरीप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने हिस्सा लिया था।