नई दिल्लीः भारत जैसे बड़े देश में क्रिकेटरों की कमी नहीं है। यही कारण है कि कुछ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का माैका नहीं मिलता। इस बात से मध्य प्रदेश के प्रतिभाशाली क्रिकेटर जलज सक्सेना भी नाराज हैं। वह पिछले 4 सालों से घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके बीसीसीआई उन्हें टीम में जगह देने की बजाय अवाॅर्ड से सम्मानित करके खुश कर देती है। राष्ट्रीय टीम में शामिल ना होने के कारण सक्सेना का बीसीसीआई पर गुस्सा फूटा आैर उन्होंने कहा कि जब टीम में जगह ही नहीं देनी तो फिर इस अवाॅर्ड का क्या मतलब रहा। सक्सेना को बीसीसीआई ने उनके घरेलू क्रिकेट में ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए माधवराव सिंधिया अवॉर्ड के लिए चुना है, जिसपर उन्होंने सवाल उठाए हैं।

उनका कहना है कि मुझे अवॉर्ड दिया जा रहा है, लेकिन इसका कोई मतलब नहीं है, यदि मुझे बीसीसीआई इस बात का जवाब नहीं दे सकती कि बीते 4 सालों में मुझे इंडिया-ए के लिए भी क्यों नहीं चुना गया? अब यह अवॉर्ड मुझे बस बेइज्जती जैसा महसूस होता है। मैं इसे लेकर बेहद तनाव में हूं।

जलज ने घरेलू क्रिकेट पर आईपीएल को तरजीह दिए जाने पर भी हैरानी जताई और कहा कि ऐसा लगता है कि टीम में चयन के लिए आईपीएल ही पैमाना है। अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग मापदंड नहीं हो सकते। मैं आईपीएल के लिए नहीं चुना गया, क्या इसमें मेरी गलती है? जलज ने लगभग झुंझलाते हुए पूछा कि आप मुझे बताइए कि मैं क्या करुं?

पिछले 4 सालों में से 3 बार जलज सक्सेना को बीसीसीआई ने बेस्ट ऑलराउंडर का अवॉर्ड दिया है। इस पर जलज सक्सेना ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर कोई मुझसे सवाल करता है कि बीते 4 सालों के दौरान बीसीसीआई तुम्हें हर साल अवॉर्ड देता है फिर तुम्हें बड़े स्तर के लिए क्यों नहीं चुना जाता। सक्सेना ने कहा कि इस बात पर वह बेहद शर्मिंदा महसूस करते हैं।