एमपी के 2 लाख संविदा कर्मचारी रेगुलर तो होंगे लेकिन उने आरक्षण का फायदा एक बार ही मिलेगा। भेतरीन खबर। यहीं निजी कंपनियों के अफसर सीधे सरकारी अफसर बन सकेंगे वाली खबर भी है। पारा लुढ़कने वाली खबर मय फोटू के उम्दा रही। सूबे के पांच बड़े शहरों को नई जरूरतों के हिसाब से डेवलप करने वाली खबर ध्यान खींचती है। डीएड की तरह बीएड में भी मेरिट से दखिले वाली खबर भी सही रही। इंटरसिटी बस सर्विस के लिए अभी तक बसें ही नहीं आई और लोकार्पण की तैयारी हो गई। जानदार खबर। खेती के हाल पे राजेश शर्मा की मुकम्मल खबर।