तिवारी जी के मश्वरों को माना सरकार और पार्टी ने
सुरेश तिवारी सोशल मीडिया का वो नाम है जिसने कम वक्फे में अपनी ज्यादा पेहचान बना ली है। इनकी मीडियावाला कंपनी हो या हाल ही में शुरु हुई मीडियावाला न्यूज पोर्टल, इनकी अपनी अलग ही पेचान बन गई हेगी। तिवारी साब जनसंपर्क मेहकमें के रिटायर डायरेक्टर हैं और मप्र माध्यम में भी एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर रे चुके हैं। यहां आज इनका जिक्र इस लिए के प्रदेश टुडे में शाया हो रहे इनके मीडियावाला कॉलम को सरकार ने और भाजपा ने संजीदगी से लिया और फौरन से पेशतर वोई किया जिसका मियां खां ने मश्वरा दिया था। आखिर जनाबेआली बरसा बरस जनसंपर्क मेहकमें में सरकार की रहबरी करते रहे हैं और खूब जानते हैं कि सरकारी सूरत को कैसे उजला बनाया जा सकता है। कुछ दिन पेलेई प्रदेश टुडे में अपने कालम में इन्ने ‘अनारक्षित वर्ग के बच्चों के साथ अन्याय क्यों’ उनवान से आर्टिकल लिखा था। इसमें रिजर्व क्लास के बच्चों को 75 फीसदी नंबरों और अनारक्षित क्लास के बच्चों के लिए 5 फीसदी नंबर जरूरी करने की नाइंसाफी पे सवाल उठाया गया।  सरकार ने इस मश्वरे को माना और खुद शिवराज भैया ने ये ऐलान किया  के 75 फीसदी अंक वाले अनारक्षित क्लास के बच्चों को भी लेपटाप दिया जाएगा। दूसरा एक और मामला है साब, वो भाजपा के मीडिया प्रकोष्ट से बावस्ता है। इसमें सुरेश तिवारी ने भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया था। दरअसल लोकेन्द्रजी को इस बात का भी इल्म नहीं था कि सीएम साब के उस्ताद सूर्यकांत केलकर की क्या अहमियम है। लिहाजा मीडियावाला में अपने कालम में भाजपा संगठन को आगाह किया गया के आगामी चुनावों में ये मामला कहीं भारी न पड़ जाए। इसे भी पार्टी नें गंभीरता से लिया और अब भाजपा के राष्टÑीय उपाध्यक्ष प्रभात झा को मीडिया का समन्वयक बना दिया गया। भोत उम्दा खां सुरेश मियां। उम्मीद है चुनावों से पेले-पेले आपके कुछ और मश्वरे सरकार और पार्टी को नई राह दिखाएंगे। मुबारक हो।