भोपाल , ब्यूरो
मालवा के शुजालपुर से निकलकर देश-विदेश में अपनी आध्यात्मिक छवि के लिए पहचाने जाने वाले भय्यू महाराज ने मॉडलिंग के दुनिया से अपना करियर शुरू किया था और उसके बाद उन्होंने शोहरत भरी मॉडलिंग की जिंदगी को अलविदा कहकर आध्यात्म के सफर पर चलना तय किया। उनके भक्तों की फेहरिस्त में लता मंगेशकर से लेकर महाराष्ट्र की और देश-दुनिया की नामी हस्तियां रही है। जिनमें पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, शिवसेना के उद्धव ठाकरे, मनसे के राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी शामिल हैं। भय्यू महाराज से मिलने अब तक आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान और गुजरात की सीएम आनंदी बेन पटेल सहित कई बड़ी हस्तियां उनके आश्रम में आ चुकी है।
सद्भावना उपवास के दौरान उनको नरेंद्र मोदी ने बुलाया था। गुजरात पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने देश भर के शीर्ष संत, महात्मा और धर्मगुरुओं को आमंत्रित किया था। उसमें भय्यू महाराज भी शामिल थे। भय्यू जी महाराज उस वक्त भी चर्चा में आए थे जब 2011 में अण्णा हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा था और अण्णा हजारे ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था।

आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज का असली नाम उदय सिंह शेखावत था।
हाल ही में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था।
2011 में अण्णा हजारे के अनशन को तुड़वाने में निभाई थी अहम भूमिका।
29 अप्रैल 1968 में को मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में हुआ था जन्म।
एमपी में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और समाज सेवा के बडे़ काम किए।

शिक्षा का उजाला
भय्यूजी महाराज गुरु दक्षिणा के नाम पर एक पेड़ लगवाते थे। अब तक 18 लाख पेड़ उन्होंने लगवाए। आदिवासी जिलों देवास और धार में उन्होंने करीब एक हजार तालाब खुदवाए।

नहीं ली थी राज्यमंत्री की सुविधाएं
भैय्यू महाराज सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए गृहस्थ संत थे। उनको कुछ दिनों पहले राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था, लेकिन उन्होने यह कहकर राज्यमंत्री का दर्जा लेने से इंकार कर दिया था कि उनको सेवा के लिए किसी पद की जरूरत नहीं है। भय्यू महाराज ने उस वक्त कहा था कि, प्रदेश सरकार ने मुझे नर्मदा नदी की रक्षा के लिये बनाई गई विशेष समिति में शामिल कर मुझ पर जो भरोसा जताया है उस पर मैं एक आम नागरिक की तरह खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा। लेकिन मैं राज्य मंत्री के दर्जे के रूप में किसी तरह का सरकारी लाभ नहीं लूंगा। 50 वर्षीय आध्यात्मिक गुरु ने कहा था कि ,मैंने अपने जीवन में अब तक न तो लाभ का कोई पद ग्रहण किया है, न ही किसी पद का लाभ लिया है। लिहाजा मैं राज्य मंत्री दर्जे से मिलने वाली कोई भी सरकारी सुख-सुविधा स्वीकार नहीं कर सकता।

राजनीति में गहरी पैठ
29 अप्रैल 1968 में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर में जन्मे भय्यूजी के चहेतों के बीच धारणा है कि उन्हें भगवान दत्तात्रेय का आशीर्वाद हासिल है। महाराष्ट्र में उन्हें राष्ट्र संत का दर्जा मिला था। बताते हैं कि सूर्य की उपासना करने वाले भय्यूजी महाराज को घंटों जल समाधि करने का अनुभव था। राजनीतिक क्षेत्र में उनका खासा प्रभाव रहा। उनके ससुर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं।

दिवंगत केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख से उनके करीबी संबंध रहे। बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी से लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत भी उनके भक्तों की सूची में शामिल थे। महाराष्ट्र की राजनीति में उन्हें संकटमोचक के तौर पर देखा जाता था।

ट्विटर पर दी श्रद्धांजलि...
आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज के आकस्मिक निधन की खबर अत्यंत दुखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति दें एवं परिवार को कष्ट सहन करने का संबल प्रदान करें।
कैलाश विजयवर्गीय, महासचिव भाजपा


संत श्री भय्यू जी महाराज के निधन की दुखद खबर मिली। आपके द्वारा समाज सुधार के लिए किये गए कार्य अविस्मरणीय रहेंगे। सादर श्रद्धांजलि ओम शांति।
भूपेंद्र सिंह, गृहमंत्री, मप्र


राष्ट्रीय  संत भय्यू जी के आकस्मिक निधन के समाचार से अत्यंत दु:ख हुआ। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। ॐ शांति ।
गौरीशंकर बिसेन, मंत्री मध्यप्रदेश


राष्ट्रीय संत आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज के आकस्मिक निधन से स्तब्ध हूं। ईश्वर इस दुख की घड़ी में उनके परिवार को संबल प्रदान करे एवं उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। विनम्र श्रद्धांजलि।
यशोधरा राजे सिंधिया, मंत्री, मप्र


राष्टÑ संत भय्यू महाराज की मौत का समाचार दुखद है। उन्होंने हमेशा दूसरों को रास्ता बताया है। मैं हाल ही में भोपाल में उनसे मिला था। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
आलोक संजर सांसद, भोपाल


हम सब की आस्था के प्रतीक भय्यू महाराज के परलोक गमन की खबर से आघात सा लगा है। मेरी कई बार उनसे चर्चा होती थी। उनके द्वारा बताये गये धर्म के मार्ग पर सब चलते रहें, यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
आलोक शर्मा महापौर , भोपाल।

भय्यू महाराज के स्वर्गवास के समाचार ने  दुखी कर दिया। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
सुरेंद्रनाथ सिंह, अध्यक्ष जिला भाजपा।


मैं भय्यू महाराज को श्रद्धांजलि देता हूं। उन्होंने संत के रूप में कई महत्वपूर्ण काम किये हैं।
कैलाश मिश्रा अध्यक्ष, शहर कांग्रेस भोपाल।