सिंगापुर : अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ ऐतिहासिक वार्ता के बाद मंगलवार को कहा कि अमरीका कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य अभ्यास बंद कर देगा। ट्रंप ने कहा , ‘हम सैन्य अभ्यास बंद कर देंगे , जिससे हमें काफी मात्रा में धन की बचत होगी।’ उन्होंने कहा कि वह सैन्य अभ्यास बंद करने के लिए सहमत हुए हैं क्योंकि वह उन्हें बहुत ही उकसाने वाला मानते हैं।

अमरीकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह दक्षिण कोरिया में तैनात अमरीकी सैनिकों को वापस बुलाना चाहते हैं जैसा कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था। ट्रंप ने कहा , ‘मैं अपने सैनिकों को वहां से हटाना चाहता हूं। मैं अपने सैनिकों को स्वदेश बुलाना चाहता हूं। मुझे आशा है कि यह आखिरकार होगा।’

हालांकि ट्रंप की यह टिप्पणी दक्षिण कोरियाई कट्टरपंथियों के कान खड़े कर सकती है , जिन्होंने उनसे उनके देश की सुरक्षा को जोखिम में नहीं डालने का अनुरोध किया है। अमरीका और दक्षिण कोरिया सुरक्षा के मामले में सहयोगी देश हैं। करीब 30,000 अमरीकी सैनिक दक्षिण कोरिया में तैनात हैं। वे उत्तर कोरिया से उसे बचाने के लिए वहां रखे गए हैं , जिसने 1950 में आक्रमण किया था।

दोनों देशों ने हर साल संयुक्त सैन्य अभ्यास किया है जिसने उत्तर कोरिया को आक्रोशित किया। उत्तर कोरिया लंबे समय से युद्ध अभ्यास बंद करने का अनुरोध करता रहा है और खुद भी बार - बार मिसाइल परीक्षण करता रहा है , जिससे संबंधों में तनाव आया। ट्रंप ने कहा , ‘मैं इसे बहुत ही उकसाने वाला मानता हूं। जिन परिस्थितियों में हम एक पूर्ण समझौते की बात कर रहे हैं , उसमें सैन्य अभ्यास करना अनुचित है। पहली चीज तो यह है कि हमें धन की बचत होगी और दूसरी चीज यह कि इसकी काफी सराहना होगी।’

यह कदम चीन द्वारा लाए गए एक प्रस्ताव पर अधारित प्रतीत होता है। इसके तहत अमेरिका के सैन्य अभ्यास रोकने के एवज में उत्तर कोरिया परमाणु और मिसाइल परीक्षण नहीं करेगा। गौरतलब है कि अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच संबंधों को सामान्य बनाने के लिए तथा कोरियाई प्रायद्वीप में पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए आज यहां ट्रंप और किम की ऐतिहासिक वार्ता हुई।