नौकरी की नौकरी हो जाए और कं पनी के खर्च पे बाहर घूमना भी हो जाए तो फिर क्या बात है। नवदुनिया भोपाल में अब जिस बंदे की नई आमद होती है उसे जागरण मैनेजमेंट अपने नोएडा हेडआॅफिस में ट्रेनिंग के लिए बुलाता है। बस बंदा आॅनरोल होना चाहिए। नोएडा में जागरण के रेस्ट हाउस में ठहरने-खाने का इंतजाम होता है। वहां अखबार की पालिसी, वर्किंग, शब्दावली और खबरों की पेशकश सहित तमाम छोटी-बड़ी चीजों की जानकारी दी जाती है। यहां लगभग हर डेस्क पे काम करने की ट्रेनिंग भी मिल जाती है और ज्यादा मशक्कत भी नहीं करनी होती। इत्मीनान से ट्रेनिंग करो और भोपाल आके काम दिखादो। इस कड़ी में धीरेंद्र सिंह को भोपाल से नोएडा भेजा गया है। उधर स्वराज एक्सप्रेस न्यूज चैनल ने अपने बेस्ट रिपोर्टरों को प्लेजर ट्रिप की शुरुआत की है। उनके हिसाब से जिस रिपोर्टर का काम उम्दा होता है उसे बेस्ट रिपोर्टर का अवार्ड मिलता है। स्वराज मैनेजमेंट उसे किसी न किसी हिल स्टेशन पर चार-पांच दिन की ट्रिप पर भेजता है। और वो भी बाय एयर। इस बार स्वराज के रिपोर्टर अशोक उपाध्याय को शिमला-चंडीगढ़ टूर पर भेजा जा रहा है। अच्छी रिवायत है साब। इससे काम से उम्दा ब्रेक मिलता है।