प्रिंटिंग घोटाले के बाद सरकार ने किया था बर्खास्त
विकास तिवारी, भोपाल
तैंतीस लाख के प्रिंटिंग घोटाले में न्यायालय से पांच साल की जेल और पचास लाख रुपए के जुर्माने की सजा पाने के बाद बर्खास्त की गई आईएएस शशि कर्णावत सरकारी मकान खाली करने को तैयार नहीं है। बेदखली नोटिस का जवाब देते हुए कर्णावत ने सरकार को कहा है कि वे केन्द्र सरकार की कर्मचारी है और राज्य के नियम उन पर लागू नहीं होते। मंडला जिला पंचायत की सीईओ रहते हुए तैंतीस लाख के प्रींटिंग प्रेस घोटाले में पांच साल की जेल और पचास लाख के जुर्माने के बाद बर्खास्त की गई आईएएस शशि कर्णावत सरकारी मकान खाली नहीं कर रही है।  गौतरलब है कि मंडला में जिला पंचायत सीईओ रहते हुए वर्ष 1099-2000 में प्रिंटिंग प्रेस सामग्री की खरीदी में तैतीस लाख रुपए के घोटाले में ईओडब्ल्यू ने कर्णावत के खिलाफ केस दर्ज किया था। सितंबर 2013 में विशेष न्यायालय ने कर्णावत को पांच साल जेल और पचास लाख जुर्माने की सजा सुनाई थी।

परसो बेदखली आदेश भेजा
संपदा संचालनालय ने कर्णावत को नौकरी से बर्खास्त होंने के बारण सरकारी बंगले के लिए अपात्र बताते हुए  मकान खाली करने के लिए इसी साल 25 मई को नोटिस भेजा था। परसो उन्हें मकान से बेदखली के लिए भी आदेश जारी किया गया है। कर्णावत ने अपने वकील के जरिए सरकार को जवाब दिया है। उसमें उन्होंने कहा  है कि वे केन्द्र सरकार की कर्मचारी है और राज्य के नियम उनपर लागू नहीं होते। जब तक न्यायालय से उनके मामले का अंतिम निराकरण नहीं हो जाता वे मकान खाली नहीं करेंगी।

सीएस ने आवंटित कराया दूसरा बंगला
इधर कार्यकाल बढ़ने की चर्चाओं के बीच मुख्य सचिव बीपी सिंह ने अपने लिए एक अलग बंगला आबंटित करा लिया है। वे वर्तमान में बी-13 में रह रहे है अब उन्हें बी-2 बंगला आबंटित किया गया है। इधर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह को सरकार ने पूर्व मंत्री मीना सिंह का बी-17 बंगला आबंटित कर दिया है। कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए अभी तक कोई मकान तय नहीं हो पाया है।