नई दिल्ली: दिल्ली में रसोई गैस (एलपीजी) के बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर का दाम 55.50 रुपये बढ़ गया है और सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में 2.71 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय दरों में तेजी और रुपये में गिरावट इसकी वजह बताई गई है. एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें एक जुलाई से लागू होंगी. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसार, रसोई गैस के बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर पर जीएसटी में संशोधन के चलते कीमतों में बढ़ोतरी की गई है. कंपनी ने एक बयान में शनिवार को कहा कि दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 493.55 रुपये से बढ़ाकर 496.26 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी गई है.

साल में 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर का कोटा
कंपनी के अनुसार, दिल्ली में साल में 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर का कोटा समाप्त होने के बाद ग्राहकों को जुलाई से बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर पर 55.50 रुपये प्रति सिलेंडर अधिक मूल्य चुकाना होगा. जबकि कोटे के तहत आने वाले सिलेंडर पर 55.50 रुपये से 2.71 रुपये घटाने के बाद 52.79 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी उपभोक्ताओं के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा.

एलपीजी सिलेंडर के दाम में वृद्धि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में 57 डॉलर प्रति मीट्रिक टन का इजाफा होने के कारण की गई है. तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को पिछले महीने के औसत बेंचमार्क दर और विदेशी मुद्रा विनिमय दर के आधार पर एलपीजी की कीमत में संशोधन करती हैं .

सिलेंडर की कीमत 55.50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ जाएगी
बयान में कहा गया है कि बिना सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के बढ़े दाम पर जीएसटी की गणना से इसके दाम बढ़े हैं. वैश्विक बाजार में दाम बढ़ने से बिना- सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम 55.50 रुपये बढ़ जाता है. उच्च वैश्विक दरों के परिणामस्वरूप, दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 55.50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ जाएगी.

इंडियन ऑयल ने बयान में कहा , " शेष बचे 52.79 रुपये (55.50-2.71 रुपये) ग्राहकों को क्षतिपूर्ति के रूप में उनके बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाएंगे. इस प्रकार , जुलाई 2018 में ग्राहकों के बैंक खातों में सब्सि़डी हस्तांतरण बढ़कर 257.74 रुपये प्रति सिलेंडर हो गया है, जो कि जून 2018 में 204.95 पैसे प्रति सिलेंडर था. इस प्रकार सब्सिडी वाले एलपीजी ग्राहक एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय दरों में वृद्धि से सुरक्षित हैं. सब्सिडी वाले आम उपभोक्ता को साल में 14.2 किलो के 12 सिलेंडर सब्सिडी के तहत मिलते हैं . इसके बाद उन्हें बाजार कीमत या बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर खरीदना होता है.