नई दिल्ली : दिल्ली के व्यापारियों ने अंतरराष्ट्रीय सुपर स्टोर दिग्गज वॉलमार्ट द्वारा भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के प्रस्तावित अधिग्रहण के खिलाफ धरना देकर अपना विरोध प्रकट किया. अखिल भारतीय व्यापारी संघ (सीएआईटी) के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने इस सौदे की निंदा की और कहा कि इससे बाजार में अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा होगी. व्यापारियों ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि ई-कॉमर्स को नियमित करने वाली एक संस्था को भी स्थापित किया जाना चाहिए.

सीएआईटी के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि इस सौदे से अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा होगी और साथ ही साथ बाजार में असमानता, हिंसक मूल्य निर्धारण, ज्यादा छूट और वित्त पोषण का नुकसान भी झेलना पड़ेगा.

प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि सोमवार को देशभर में इसी तरह से करीब एक हजार जगहों पर धरना-प्रदर्शन किए गए, जिसमें 10 लाख ऑफलाइन और ऑनलाइन व्यापारियों ने हिस्सा लिया है. सीएआईटी ने एक बयान में कहा कि दिल्ली के करोल बाग में धरना-प्रदर्शन किया गया, तथा इसके अलावा मुंबई, नागपुर, पुणे, सूरत, अहमदाबाद, भोपाल, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुडुचेरी, रायपुर, राउरकेला, रांची, कोलकाता, लखनऊ, कानपुर और अन्य शहरों में भी व्यापरियों ने प्रदर्शन किया.

सीएआईटी ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो वे 23 से 25 जुलाई को होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में भावी कदम के बारे में फैसला करेंगे.

वॉलमार्ट की सफाई
उधर, वॉलमार्ट ने इस सौदे से खुदरा व्यापारियों के व्यापार पर किसी तरह के प्रभाव से इनकार किया है. वॉलमार्ट ने जारी एक बयान में कहा है कि भारत में हमारे बी-2बी व्यवसाय के माध्यम से हम न केवल छोटे किराना व्यापारियों के सफल होने का समर्थन कर रहे हैं बल्कि उन्हें आधुनिक बनाने में भी मदद कर रहे हैं.
 
बयान में कहा गया है कि सरकार की एफडीआई नीति मार्केटप्लेस ई-कॉमर्स मॉडल के तहत 100% एफडीआई की अनुमति देता है, फ्लिपकार्ट के साथ हमारी साझेदारी हजारों स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और निर्माताओं को बाजार मॉडल के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंच प्रदान करेगी. यह साझेदारी इस मंच के माध्यम से बाजार तक पहुंच प्राप्त करने और भारत में स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए देश के किसानों के एसएमई आपूर्तिकर्ताओं का समर्थन करेगी.
 
हमारा मानना ​​है कि फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट की संयुक्त क्षमताओं से भारत का अग्रणी ई-कॉमर्स मंच तैयार होगा. इससे छोटे आपूर्तिकर्ताओं, किसानों और महिलाओं के उद्यमियों के लिए नई कुशल नौकरियां और नए अवसर पैदा करते समय ग्राहकों के लिए गुणवत्ता, किफायती सामान प्रदान करके भारत को फायदा होगा.

सबसे बड़ी डील
अमेरिका की रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने पिछले महीने भारतीय फ्लिपकार्ट में बड़ी हिस्‍सेदारी खरीदी थी. फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट के बीच 16 अरब डॉलर (1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा) में यह डील हुई. वॉलमार्ट ने भारतीय कंपनी में 77 फीसदी हिस्‍सेदारी खरीदी है. फ्लिपकार्ट में हिस्‍सेदारी रखने वाले जापानी ग्रुप सॉफ्टबैंक के सीईओ मासायोशी सोन ने भी इसकी पुष्टी की.