बिजनेस : हीरो मोटोकॉर्प के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक पवन मुंजाल को वित्त वर्ष 2018 में 75.44 करोड़ रुपए का पैकेज मिला। पिछले साल उन्हें 26 फीसदी का इंक्रीमेंट मिला। यह देश के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस ग्रुप के सीएमडी मुकेश अंबानी की सैलरी से भी ज्यादा है। उनकी सैलरी पिछले वित्त वर्ष में 15 करोड़ रुपए रही। यह लगातार दूसरा साल है, जब मुंजाल देश की ऑटो इंडस्ट्री में सबसे अधिक वेतन पाने वाले सीएक्सओ (मुख्य अनुभव अधिकारी) रहे हैं।

वित्त वर्ष 2018 में उनकी कंपनी का मुनाफा 9.4 फीसदी बढ़कर 3,697 करोड़ रुपए रहा था। बजाज ऑटो के राजीव बजाज को 28 करोड़ रुपए मिले। उनकी सैलरी में पिछले वित्त वर्ष में 10.67 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। उनकी कंपनी अन्य दोपहिया कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन कर रही है और उसका मार्जिन भी ऊंचा बना हुआ है। हीरो और बजाज के अलावा दूसरी ऑटो कंपनियों ने अभी तक सालाना रिपोर्ट जारी नहीं की हैं। हालांकि, वित्त वर्ष 2017 की सालाना रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारुति सुजुकी, महिंद्रा और आयशर मोटर्स के सीईओ की सैलरी 4.2 करोड़ से 7.5 करोड़ रुपए के बीच थी। वहीं, टाटा मोटर्स के एमडी गुंटर बुश्चेक पवन मुंजाल के बाद इस सेक्टर में सबसे अधिक सैलरी पाने वाले दूसरे सीईओ हैं। उनका वेतन 22.55 करोड़ रुपए है।

अब तक निफ्टी में शामिल जिन कंपनियों ने वित्त वर्ष 2018 की एनुअल रिपोर्ट जारी की है, उनमें सीईओ की सैलरी में सालाना 31.02 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यह औसतन 13.51 करोड़ रुपए रही। वहीं, इस दौरान इन कंपनियों की प्रॉफिट ग्रोथ पिछले वित्त वर्ष में 4.65 फीसदी रही। कंपनी के औसत कर्मचारी की तुलना में इन अधिकारियों की सैलरी में करीब तीन गुना अधिक बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के बाद भारत में सीईओ और एवरेज वर्कर की सैलरी की पे रेशियो सबसे अधिक है। सीईओ सैलरी का ग्लोबल एवरेज जहां 35.5 लाख डॉलर है, वहीं भारतीय सीईओ के लिए यह 14.9 लाख डॉलर है। सबसे अधिक सैलरी पाने वाले सीईओ में ऑटो कंपनियों के अधिकारी टॉप पर हैं।