उज्‍जैन: विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में वायु प्रदुषण की जांच के लिए प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने 24 घंटे के लिए गर्भ गृह में मशीन लगाई है. इससे आज दोपहर 2 बजे तक 24 घंटे जांच होगी. मंदिर प्रबंध समिति गर्भगृह में नया एयर कूलिंग सिस्टम लगाने के लिए यह जांच करा रही है. गर्भगृह में तड़के होने वाली भस्म आरती में शिवलिंग में भस्‍म चढ़ाई जाती है. उस समय भस्म के कण वातावरण में बिखर जाते हैं. इसके बाद दिन में होने वाली चार आरतियों और सांध्य पूजन में घी के दीपक व कपूर जलाए जाते हैं. श्रद्धालुओं द्वारा अभिषेक पूजन के दौरान भी कपूर से आरती की जाती है.

गर्भगृह में इस दौरान कितना वायु प्रदूषण होता है, इसकी जांच मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष और कलेक्टर मनीष सिंह प्रदूषण नियंत्रण मंडल से करा रहे हैं. गर्भगृह में एंबीएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग के लिए दो एनवायरटेक मशीन अस्थाई तौर पर लगाई है. मशीनों से 24 घंटे वायु प्रदूषण की जांच की जाएगी.

एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग मशीन
महाकाल मंदिर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद क्षरण रोकने के लिए मंदिर समिति उपाय कर रही है. इसके चलते मंदिर के गर्भ गृह में रोजाना आने वाली भीड़ पांच अलग-अलग आरती, दिन भर जलने वाले दिए, भस्म आरती के समय उड़ने वाली भस्म, अलग श्रंगार के समय चढ़ने वाली पूजन सामग्री और फूल-पत्ती और जल से कितना असर गर्भ गृह पर पड़ रहा है, इस लेकर उज्जैन कलेक्टर ने प्रदूषण विभाग को आदेश कर एक एंबीएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग मशीन लगाई है. मशीन आज दिन में 2 बजे तक लगी रहेगी. इसकी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को देंगे.

विशेषज्ञों से भी ली जाएगी सलाह
वातावरण में वायु प्रदूषण का मापदंड 25 माइक्रॉन का 60 माइक्रॉन और 10 माइक्रोन के पार्टिकल्स का 100 माइक्रॉन है. यदि प्रदूषण इससे ज्यादा आता है तो उसके निवारण के उपाय किए जाएंगे. इस संबंध में विशेषज्ञों से भी सलाह ली जाएगी. गर्भगृह की जांच रिपोर्ट दो दिन में आ सकती है.  

गर्भगृह का तापमान व प्रदूषण नियंत्रित होगा
सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेषज्ञ दल से कराई गई मंदिर की जांच रिपोर्ट में मंदिर का तापमान और प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए भी सुझाव दिए हैं. इसके लिए मंदिर समिति अहमदाबाद की एजेंसी से नया एयर कूलिंग सिस्टम लगाने के लिए डीपीआर तैयार करा रही है. इससे गर्भगृह और मंदिर परिसर का तापमान 22 डिग्री तक आने की संभावना है. इसके लिए प्रदूषण की रोकथाम के लिए भी नए एक्जास्ट लगाए जाएंगे. इसी के लिए प्रदूषण की स्थिति जांची जा रही है.