नई दिल्ली: वैश्विक बाजारों में मजबूती के रुख और स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की लिवाली बढ़ने के कारण दिल्ली के सर्राफा बाजार में बीते सप्ताहांत सोने में फिर से चमक लौट आई और इसकी कीमत 230 रुपये की तेजी दर्शाती 31,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई.

हालांकि , औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं के कमजोर उठाव के कारण चांदी की कीमत हानि के साथ 41,000 रुपये के स्तर से नीचे 40,500 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुई. बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में बेहतरी के रुख के अलावा घरेलू बाजारों में स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की लिवाली बढ़ने के कारण मुख्यत : सोने की कीमतों में तेजी आई. वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना सप्ताहांत में मामूली तेजी दर्शाता 1,254.50 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ.

उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का अवमूल्यन होने से सोने का आयात महंगा हो गया जिसकी वजह से भी तेजी को समर्थन मिला. राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कमजोर शुरुआत हुई और लिवाली समर्थन के अभाव में क्रमश : 31,360 रुपये और 31,210 रुपये प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क गया.

मजबूत वैश्विक संकेतों के कारण यह क्रमश : 31,690 रुपये और 31,540 रुपये तक सुधरने के बाद सप्ताहांत में 230 - 230 रुपये की तेजी के साथ क्रमश : 31,650 रुपये और 31,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ.

हालांकि, सीमित सौदों के बीच सीमित दायरे में घट बढ़ के बाद गिन्नी की कीमत सप्ताहांत में 24,800 रुपये प्रति आठ ग्राम के पूर्व सप्ताहांत के स्तर पर ही बंद हुई. लिवाली और बिकवाली के बीच उतार चढाव भरे कारोबार में चांदी तैयार की कीमत भी सप्ताहांत में 100 रुपये की गिरावट के साथ 40,500 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुई जबकि चांदी साप्ताहिक डिलिवरी के दाम 565 रुपये की तेजी के साथ 39,790 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुए.

हालांकि चांदी सिक्कों की कीमत भी सप्ताहांत में लिवाल 75,000 रुपये और बिकवाल 76,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर स्थिरता का रुख दर्शाती पिछले सप्ताहांत के स्तर पर ही बंद हुई.