देवास: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि प्रदेश में एक साल में किसानों के खातों में विभिन्न योजनाओं में लगभग 35 हजार करोड़ रुपये की सहायता पहुंचाई गई है. मुख्यमंत्री ने देवास में किसान महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने नर्मदा के पानी को क्षिप्रा नदी में डालने के असंभव कार्य को संभव कर दिखाया है. आज नर्मदा मैया की कृपा से देवास को पीने का पानी सहजता से उपलब्ध है.  

उन्होंने कहा कि देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर जिलों में सिंचाई के लिए नर्मदा-कालीसिंध पार्ट-एक व पार्ट-दो तथा नर्मदा मालवा-गंभीर पार्ट-एक और पार्ट-दो तथा नर्मदा मालवा-क्षिप्रा पार्ट-दो लिंक परियोजनाओं से सिंचाई की योजना तैयार की गई है. इसमें विभिन्न चरणों में लगभग 14 लाख 20 हजार एकड़ में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.

चौहान ने कहा कि किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए फसलों के निर्यात के भी प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड बनाया गया है. प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना को भी बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं. इस साल किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों को इस योजना में कर्ज दिलाने की व्यवस्था की जा रही है.

महासम्मेलन में तकनीकी कौशल विकास (स्वतंत्र प्रभार) स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी, सांसद मनोहर ऊंटवाल तथा विधायक गायत्रीराजे पवार ने भी विचार रखे.