नई दिल्ली : भारतीय बैंकों का हजारों करोड़ रुपये का लोन लेकर फरार कारोबारी विजय माल्या ने कहा है कि ब्रिटेन में उनकी कोई प्रॉपर्टी नहीं है और जो भी प्रॉपर्टी है वह उनके मां और बच्चों के नाम है. उन्होंने कहा कि उनकी मां और बच्चों की प्रॉपर्टी को कोई छू भी नहीं सकता.

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में उनके नाम बस कुछ कारें और ज्यूलरी ही हैं जिन्हें वह कभी भी सौंपने को तैयार हैं. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही ब्रिटिश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि ब्रिटिश अधिकारी लंदन स्थित माल्या की संपत्तियों की जांच और जब्ती कर सकते हैं.

माल्या ने कहा,' भारत में चुनावी साल है. मुझे लगता है कि वे मुझे वापस लाकर सूली पर लटका देना चाहते हैं ताकि उन्हें ज्यादा वोट मिल सकें.' ब्रिटिश हाईकोर्ट ने भारतीय बैंकों की अर्जी पर गुरुवार को अपना फैसला सुनाया जिसमें कहा गया कि 13 बैंकों के संगठन विजय माल्या से संबंधित संपत्तियों की जांच और नियंत्रण के लिए तलाशी ले सकते हैं.

इससे भड़के विजय माल्या ने रविवार को समाचार एजेंसी रायटर्स से बात करते हुए कहा कि वह ब्रिटिश प्रवर्तन अधिकारियों का पूरा सहयोग करेंगे. लेकिन उनके नाम ब्रिटेन में कोई प्रॉपर्टी नहीं है. यहां तक कि उनका परिवार जिस आलीशान मकान में रह रहा है, वह भी उनके नाम नहीं है.

माल्या ने कहा, 'ब्रिटेन में मेरे नाम से जो भी प्रॉपर्टी है वह मैं सौंप दूंगा. लेकिन यहां जो लग्जरी आवास है वह मेरे बच्चों के नाम है और लंदन का मकान मां के नाम है, जिन्हें कोई छू नहीं सकता.' गौरतलब है कि भारत सरकार माल्या के लंदन से प्रत्यपर्ण के लिए पूरा जोर लगा रही है और इस बारे में लंदन की अदालत सितंबर तक कोई फैसला कर सकती है.

माल्या ने कहा, 'मैंने यूके की कोर्ट में अपने एसेट के बारे में हलफनामा दिया है. कुछ कारें हैं, ज्यूलरी हैं, जिन्हें लेने के लिए आपको आने की जरूरत नहीं, मैं खुद ही सौंप दूंगा. मुझे तारीख, समय और स्थान बता दें. लेकिन मकान देने का सवाल ही नहीं है.'

माल्या ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत में यह चुनावी साल है। सरकार एजेंसियों की मदद से मुझे भारत ले जाकर बलि का बकरा बनाना चाहती है ताकि उसे कुछ और वोट मिल सकें। खुद को भगोड़ा बताए जाने पर शराब कारोबारी ने कहा, मैं हमेशा से ब्रिटेन का निवासी रहा और भारत का अनिवासी। ऐसे में मैं कहां जाऊंगा। यह राजनीतिक मुद्दा है।