सुपरस्टार रजनीकांत की पत्नी लता की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने एक एड कंपनी का बकाया नहीं चुकाने पर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है. शीर्ष अदालत ने फिल्म स्टार रजनीकांत की पत्नी लता को फटकार लगाते हुए ट्रायल कोर्ट में अपनी बात रखने को कहा है. लिहाजा एड कंपनी की बकाया रकम चुकाने से इनकार करने पर अब उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा.

जस्टिस रंजन गोगोई की पीठ ने कहा कि लता रजनीकांत ने एड ब्यूरो कंपनी को लोन के 6.2 करोड़ रुपये नहीं चुकाए. लिहाजा अब उनको ट्रायल फेस करना होगा. शीर्ष अदालत ने तीन जुलाई को पिछली सुनवाई के दौरान 10 जुलाई तक यह बताने को कहा था कि लता पैसा देंगी या ट्रायल फेस करेंगी?

जब मंगलवार को लता रजनीकांत ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो कोर्ट ने ट्रायल में जाने का आदेश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब आदेश दिए गए, तो लोन की रकम क्यों नहीं चुकाई गई? बता दें कि शीर्ष अदालत ने 16 अप्रैल को अभिनेता रजनीकांत की पत्नी लता रजनीकांत को 6.2 करोड़ रुपये 12 हफ्ते में एड फैक्टर नाम की कंपनी को देने कहा था.

फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर तमिल मेगास्टार रजनीकांत की पत्नी लता की कंपनी वन ग्लोबल इंटरटेनमेंट पैसा अदा नहीं करती है, तो उनको खुद (लता) ये पैसे देने होंगे. दरअसल, याचिका मे कहा गया कि लता ने कोचडयान (Kochadaiiyaan) फिल्म के टेलीकास्ट राइट के मामले में फर्जी सर्टिफिकेट लगाया था. इस मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाए.

कंपनी ने याचिका में यह भी कहा कि लता ने 10 करोड़ रुपये ले लिए और फिल्म का राइट किसी दूसरी कंपनी को बेंच दिया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के बार-बार आदेश के बावजूद रकम चुकाने से इंकार कर दिया था.