वॉशिंगटन : विश्व बैंक ने वर्ष 2017 में हिंसा से प्रभावित म्यांमार के राखाइन प्रांत में विकास परियोजनाओं के लिए म्यांमार सरकार को 10 करोड़ डॉलर देने की पेशकश की है. हिंसा और सेना के जुल्म के कारण राखाइन से मुस्लिम समुदाय के 7,00,000 से अधिक रोहिंग्याओं को भागकर पड़ोस के बांग्लादेश में शरण लेनी पड़ी. यह पेशकश विश्व बैंक के उपाध्यक्ष विक्टोरिया क्वावावा द्वारा पूर्वी एशिया और प्रशांत समेत म्यांमार की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान की गई. उनके दौरे के समापन के बाद जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई.

बयान में कहा गया, 'विश्व बैंक' संयुक्त राष्ट्र और अन्य भागीदारों के सहयोग से, शरणार्थियों की सुरक्षित, स्वैच्छिक और प्रतिष्ठित वापसी के लिए शर्तों को तैयार करने में सहायता करता है."

नौकरी निर्माण, सूक्ष्म और लघु उद्यम विकास पर ध्यान केंद्रित करने और प्रत्याशित शरणार्थियों समेत सभी समुदायों के लिए आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राखीन में परियोजनाओं में मदद पहुंचाने के लिए यह राशि दी जाएगी.

म्यांमार की स्टेट काउंसलर और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू की के साथ उनकी मुलाकात के दौरान, क्वावावा ने म्यांमार के सभी समुदायों के लिए समावेशी और टिकाऊ विकास के महत्व पर चर्चा की.