सेंट पीटर्सबर्ग : फ्रांस ने रोमांचक और कड़े सेमीफाइनल मुकाबले में बेल्जियम को 1-0 से मात देकर फीफा विश्व कप के 21वें संस्करण के फाइनल में जगह बना ली है. फ्रांस तीसरा बार फाइनल में पहुंचने में सफल रहा.

फ्रांस ने इससे पहले 1998 और 2006 में फाइनल में जगह बनाई थी. 1998 में वह विश्व विजेता बना था. वहीं, बेल्जियम की टीम पहली बार फाइनल में जाने से महरूम रही. फाइनल में फ्रांस का सामना इंग्लैंड और क्रोएशिया के बीच बुधवार को होने वाले दूसरे सेमीफाइनल मैच की विजेता से होगा.

बेल्जियम के खिलाफ विश्व कप के तीन मैचों में यह फ्रांस की तीसरी जीत है. इससे पहले फ्रांस ने 1938 में पहले दौर का मुकाबला 3-1 से जीतने के बाद 1986 में तीसरे दौर के प्लेऑफ मैच में 4-2 से जीत दर्ज की.

इसके साथ ही बेल्जियम का 24 मैचों का अजेय अभियान भी थम गया. इस दौरान उसने 78 गोल किए और इस मैच से पहले सिर्फ एक मैच में टीम गोल नहीं कर पाई. बेल्जियम की टीम हालांकि विश्व कप में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ विदा हुई और अपने प्रदर्शन से लोगों का दिल जीतने में सफल रही.

Il fait du bien celui-là !!!!! @samumtiti
1-0 #FRABEL #FiersdetreBleus pic.twitter.com/JrEzUZ6OMi

— Equipe de France (@equipedefrance) July 10, 2018

इस मैच का इकलौता गोल 51वें मिनट में आया. यह गोल सैम्युएल उमटिटी हेडर से किया. फ्रांस के ओलीवर जीरू को बॉक्स में गेंद मिली, जिसे उन्हें घूमकर नेट में डालना चाहा और इसी दौरान गेंद बेल्जियम के डिफेंडर के पैर से लग कर बाहर चली गई. फ्रांस को कॉर्नर मिला. जिसे एंटोनी ग्रीजमैन ने लिया और उनकी किक पर उमटिटी ने हेडर के जरिए गोल कर फ्रांस को 1-0 से आगे कर दिया.

फ्रांस की इस जीत में उसके गोलकीपर ह्यूगो लोरिस का भी बड़ा हाथ रहा, जिन्होंने दोनों हाफों में कई शानदार बचाव किए. वहीं, बेल्जियम के गोलकीपर तिबाउत कोटरेइस ने भी फ्रांस को कई मौकों पर दूसरे गोल से दूर रखा. फ्रांस के डिफेंस ने भी अच्छा काम किया और बेल्जियम के रोमेलु लुकाकु और एडन हेजार्ड को साफ मौकों पर गोल नहीं करने दिए.

गोल खाने के बाद बेल्जियम के खिलाड़ियों में बराबरी करने की जल्दबाजी साफ देखी जा रही थी और इसी कारण उन्हें तीन येलो कार्ड मिले. इससे पहले पहले हाफ में बेल्जियम ने हालांकि मौके थोड़ा ज्यादा बनाए. फ्रांस ने कम मौके बनाए, लेकिन उसके मौके काफी करीबी थी. बेल्जियम ने शुरुआत से अच्छी तरह से फ्लैंक को बदला, जिससे फ्रांस के डिफेंस को थोड़ी परेशानी भी आई.

हेजार्ड ने शुरू से फ्रांस के डिफेंसिव लाइन को व्यस्त रखा. हालांकि 11वें मिनट में फ्रांस को दो लगातार मौके मिले, जिन्हें वो फिनिश नहीं कर पाया. दो मिनट बाद ही पॉल पोग्बा ने डेम्बेले को छकाते हुए एम्बाप्पे को पास दिया जो गोल करने में असफल साबित हुए.

दो मिनट बाद बेल्जियम के डी ब्रूयन ने फ्रांस का लापरवाही का फायदा उठाया और गेंद हेजार्ड को दी जो उसे बाहर खेल गए. अब बेल्जियम ने फ्रांस को बैकफुट पर धकेलना शुरू कर दिया था. यहां से फ्रांस के गोलकीपर लोरिस की परीक्षा शुरू हुई.

43.7% of goals at this year's #WorldCup have been scored at set-pieces (69/158). Wow. #FRABEL pic.twitter.com/eWzweEGhOG

— FIFA World Cup 🏆 (@FIFAWorldCup) July 10, 2018

22वें मिनट में बेल्जियम के टोबी एल्डरवीरेल्ड ने बॉक्स के बाहर से सीधा गोलपोस्ट पर निशाना साधा, लोरिस के हाथों में गया. इससे तीन मिनट पहले हेजार्ड भी मौका गंवा चुके थे. बेल्जियम लगातार फ्रांस के घेरे में जा रही थी, लेकिन उमटिटी, एनगोलो कान्ते और पोग्बा उसके बनाए गए मौको को अंजाम तक पहुंचने नहीं दे रहे थे.

दोनों टीमों के लिए इस हाफ के सबसे अच्छे मौके आए. 40वें मिनट में एम्बाप्पे ने बेहतरीन पास दिया. पेवार्ड ने गोल पोस्ट की तरफ गेंद को खेला, जो बेल्जियम के गोलकीपर कोटरेइस के पांव से टकरा कर बाहर चला गया. 45वें मिनट में लुकाकु ने बेल्जियम को 1-0 की बढ़त दिलाने का मौक छोड़ दिया. बॉक्स के बाहर से डी ब्रयून ने गेंद बॉक्स में डाली जहां लुकाकु गोल के सामने ही खड़े थे. हालांकि उनसे पहले उमटिटी थे, लेकिन गेंद पर अपना कब्जा नहीं जमा पाए और गेंद लुकाकु के पास आई जो तैयार नहीं थे. पहले हाफ का अंत बिना किसी गोल के हुआ.