मलौट (पंजाब): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पराली जलाने की समस्या के प्रति चिंता जताते हुए आज कहा कि केन्द्र सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है कि किसान कृषि अवशेषों को जलाने के लिए बाध्य न हों।  
 

मोदी ने पंजाब के मालवा बेल्ट में किसानों की रैली को संबोधित करते हुए कहा , ‘‘ मैं इस मंच से, पराली जलाने के महत्वपूर्ण मसले पर बात करना चाहता हूं। केन्द्र सरकार इस पर गंभीरता से काम कर रही है ताकि किसानों को फसल  कटाई के बाद पराली जलाने के लिए बाध्य नहीं होना पड़Þे। ’’
 

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए पंजाब , हरियाणा , उत्तर प्रदेश और दिल्ली के लिए 50 करोड़ रूपए से अधिक राशि आवंटित की है।उन्होंने कहा , ‘‘ कुल आवंटित राशि की आधी से अधिक राशि पंजाब पर केन्द्रित है। ’’
 

मोदी ने कहा कि कृषि अवशेषों के निपटान के उद्देश्य से मशीनों की खरीद के लिए सरकार किसानों को 50 प्रतिशत की सहायता दे रही है।उन्होंने किसानों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि इससे न केवल भूमि की उर्वरकता बढ़ेगी बल्कि प्रदूषण की समस्या से भी निजात मिलेगी।
 

मोदी ने किसानों से स्वास्थ्य ंिचताओं को ध्यान में रखते हुए पराली नहीं जलाने का अनुरोध किया।उन्होंने कहा , ‘‘ एक अनुमान के अनुसार, अगर किसान पराली नहीं जलाएं और कृषि अवशेषों को खेतों में ही पड़ा रहने दें तो वे उर्वरक के इस्तेमाल में प्रति हेक्टेयर होने वाले दो हजार रूपए के खर्च को बचा सकते हैं।