पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के साथ हो रहे अत्याचारों की खबरें लगातार बढ़ती जा रही हैं. चाहे वह हिंदू हो या सिख या ईसाई. ताज़ा मामला लाहौर के डेरा चहल नामक गांव का है, जहां गुलाब सिंह शाहीन पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस अधिकारी (सब इंस्पेक्टर ट्रैफिक के पद पर तैनात) हैं. उनको उनके घर से  ETPB (इवकुई ट्रस्ट संपत्ति बोर्ड) और स्थानीय पुलिस ने मिलकर जबर्दस्ती बेदखल कर दिया.

इसंपेक्टर गुलाब सिंह ने एक निजी चैनल से बात चीत में कहा कि उनके साथ इन लोगों ने हाथापाई भी की और उनकी पगड़ी भी उतार दी. उन्होंने खास बातचीत में कहा कि मैं और मेरा परिवार सन 1947 से इस घर में रह रहे है. यह घर डेरा चहल गांव जो गुरु नानक जी की बहन बेबे ननकी के गुरुद्वारा परिसर में आता है, पूरा गांव इसी गुरुद्वारे के जमीं पर बसा हुआ है, यह जमीन गुरुद्वारा की है लेकिन ईटीबीपी वाले इसे जबरदस्ती कब्ज़ा करना चाहते हैं, इसी कारण यह मामला कोर्ट में लंबित में है लेकिन मंगलवार को अचानक उनके घर में घुसकर ईटीबीपी और स्थानीय पुलिस के लोगों ने उन्हें और उनके परिवार को बिना किसी नोटिस के जबरन घर से बाहर निकाल दिया.

जबरदस्ती घर से बाहर निकाला

गुलाब सिंह ने कहा कि इस पूरे गांव का मामला कोर्ट में है, लेकिन सिर्फ मुझे ही निशाना बनाया गया और मेरा घर खाली करवाया गया. पाकिस्तान में अल्पसंख्यक का क्या हाल है इसका अंदाज़ा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि जब घर खाली करवाने पहुंचे पुलिस से गोविंद सिंह शाहीन ने 10 मिनट का समय मांगा, लेकिन पुलिस ने उनकी एक बात नहीं सुनी और जबरदस्ती धक्का-मुक्की करते हुए खाली करवा दिया. गुलाब सिंह ने कहा कि मैं पाकिस्तान का पहला सिख ट्रैफिक वॉर्डन हूं लेकिन मेरे साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है जैसा चोरों-डाकुओं के साथ किया जाता है.

उन्होंने कहा कि अदालत में केस चलने के बावजूद 'तारिक वजीर जो अडिशनल सेक्रटरी हैं ईटीपीबी के और तारा सिंह जो पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी का भूतपूर्व प्रधान है, उन्होंने कुछ लोगों को खुश करने के लिए यह काम किया है. जब आजतक / इंडिया टुडे ने ईटीपीबी के अडिशनल सेक्रटरी तारिक वजीर से कई बार संपर्क किया लेकिन तारिक वजीर फ़ोन पर नहीं आए और मीटिंग में वयस्तता का हवाला देते हुए बात करने से इंकार कर दिया.

पंजाब में हुआ विराध-प्रदर्शन

इधर शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस अधिकारी गुलाब सिंह को लाहौर में अपने घर से जबरन बेदखल कर दिए जाने के बाद सुषमा स्वराज और पाक उच्चायोग से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि उनके पगड़ी का अपमान किया गया. उनको पाक पुलिस ने 10 मिनट का भी समय नहीं दिया और उनके पूरे परिवार को सेकेंड में फेंक दिया