रांचीः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कल्याण के लिए उठाये गये कदम की चर्चा करते हुये बुधवार को कहा कि देश और झारखंड में विकास की लहर है, ऐसे में विपक्ष झूठी अफवाह फैलाकर राज्य के आदिवासियों को गुमराह करने की कोशिश न करे।

शाह ने रांची में आदिवासी समाज के बुद्धिजीवियों से बातचीत के दौरान कहा कि विपक्षी दलों को आदिवासियों को गर्त में धकेलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले चार साल में सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के बेहतर होने से राज्य के लोगों के जीवन स्तर में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि कोई भी गलत निर्णय न तो समुदाय का कल्याण कर सकता है और न ही वह राज्य के हित में हो सकता है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष झूठ बोल रहा है कि भाजपा सरकार ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति कानून को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि यह कानून पहले की सरकारों के कार्यकाल में अधिक कमजोर था। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने संशोधन कर इस कानून को और मजबूत करने का प्रयास किया है।

विपक्षी दलों द्वारा फैलाई जा रही है झूठी अफवाह
शाह ने कांग्रेस पार्टी के कानून के जानकारों को चुनौती देते हुये कहा कि वह इस मुद्दे पर बहस करा ले। उन्होंने आरोप लगाते हुये कहा कि इस कानून पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी केवल झूठ ही बोला है।  भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार सशक्तीकरण, भागीदारी और सम्मान के एजेंडे पर काम कर रही है।

शाह ने कहा कि इस दौरान वह विपक्षी दलों द्वारा देश और राज्य में फैलाई जा रही झूठी अफवाहों के बीच लोगों को सच्चाई बताने के लिए जनता से सीधे संवाद करने के साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के सदस्यों से बातचीत कर रहे हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने वनबंधु कल्याण योजना के तहत राशि का आवंटन करने के साथ ही आदिवासी बहुल क्षेत्र के 350 प्रखंडों को मॉडल प्रखंड के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा आदिवासी समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए देश के 184 जिलों में एकलव्य आवासीय विद्यालय खोले गये हैं। वहीं 3272 आश्रम विद्यालय भी शीघ्र शुरू किये जाएंगे।

नेहरू गांधी परिवार को नहीं किया जाना चाहिए याद
शाह ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के लिए ‘नेहरू-गांधी परिवार’ को ही याद नहीं किया जाना चाहिए बल्कि ऐसे लाखों गरीब लोग हैं जिन्हें बेहतर शिक्षा तक नसीब नहीं हुई लेकिन उन्होंने देश के लिए त्याग किया है। ऐसे लोगों के योगदान की चर्चा पहले होनी चाहिए। इसको ध्यान में रखकर ही मोदी सरकार ने आदिवासी समुदाय के स्वतंत्रता सेनानियों के 323 गांवों को शहीद आदर्श ग्राम योजना के तहत विकसित किया जएगा।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने 13वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत झारखंड को 55 हजार करोड़ रुपये दिये गये थे लेकिन मोदी सरकार ने 14वें वित्त आयोग के तहत इस राज्य के लिए 143345 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जो पिछली सरकारों के आवंटन के मुकाबले ढाई गुना से भी अधिक है। इसके अलावा 12 हजार करोड़ रुपये और दिये गये। उन्होंने लोगों से कहा कि वे कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से सवाल पूछें कि उन्होंने राज्य की जनता के लिए क्या किया है।

इस मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा एवं सुदर्शन भगत, सांसद करिया मुंडा, झारखंड के मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा एवं लुईस मरांडी, राज्यसभा सांसद समीर उरांव, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह एवं सौदान सिंह तथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं चाईबासा के सांसद लक्ष्मण गिलुआ उपस्थित थे।