अहमदाबाद: गुजरात सरकार ने पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को दी गयी सुरक्षा वापस लेते हुए दावा किया है कि उनकी जान को अब कोई खतरा नहीं है. गुजरात सीआईडी की खुफिया इकाई की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि खतरे के बारे में समीक्षा के बाद भट्ट सहित 64 लोगों से सुरक्षा वापस ले ली गयी है.

भट्ट ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को एक पत्र लिखकर उनसे गृह विभाग को निर्देश देने का अनुरोध किया था कि ऐसा कोई भी कदम उठाने से परहेज करना चाहिए जिससे की उनकी सुरक्षा को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खतरा उत्पन्न हो. सरकार ने भट्ट की सुरक्षा में एक सशस्त्र निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) को तैनात किया था.

आपको बता की संजीव भट्ट 2002 गुजरात दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे. उसके बाद उन्हें कई आरोपों में बर्खास्त कर दिया गया था. भट्ट ट्विटर पर काफी सक्रिय हैं और वह लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते रहे हैं.