मुंबईः शिवसेना ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 2019 के लोकसभा के चुनाव में विमुद्रीकरण जैसा झटका लगेगा। शिव सेना ने पार्टी के मुखपत्र सामना के आज के संपादकीय में लिखा है कि चुनावी हवा सभी राज्यों में विपक्षी गठबंधन के पक्ष में बह रही है और जनता ने पिछले एक-डेढ़ वर्ष से भाजपा को झटका देने का मन बना लिया है।

भाजपा को दिल्ली पहुंचने के रास्ते में सबसे बड़ा झटका उत्तर प्रदेश में कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन से लगेगा। ठीक इसी तरह की रिपोर्ट बिहार से भी आ रही है। बिहार में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन बना रहे हैं। केन्द्र में सत्ता बदलने के मजबूत संकेत मिल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी लोकसभा के चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा की स्थति खराब हो सकती है।

पिछले चुनाव में भाजपा को 80 में से 71 सीटें मिली थी। इस बार के चुनाव में जुमलों और वादों से काम नहीं होगा। भाजपा जाति विभाजन और ध्रुवीकरण का खेल खेल सकती है। लोगों में संदेश जा रहा है कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं लेना चाहिए।

जनता ने आपको उनका काम करने के लिए चुना है। जो लोग महसूस कर रहे हैं कि उन्हें ठगा गया है, उन्हें पता है कि भाजपा को किस तरह सबक सिखाना है। संपादकीय में आगे लिखा है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, राजस्थान और देश के अन्य राज्यों में अशांति बढ़ी है।