सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक की नजर अब आपके बैंक खातों पर है। फेसबुक ने कई बड़े बैंकों से ग्राहकों की डिटेल्स मांगी है, जिसमें ग्राहकों का कार्ड भुगतान, शॉपिंग की आदतें और खातों के बैलेंस की जानकारी शामिल है। हालांकि अभी इसकी शुरुआत फेसबुक ने अमेरिका के बैंकों से की है, लेकिन कुछ समय बाद यह भारत में भी इस तरह की जानकारी को मांग सकता है।

जिन बैंकों से फेसबुक ने ग्राहकों के बारे में जानकारी मांगी है, उनमें सिटीबैंक, वेल्स फार्गो, जेपी मॉर्गन, चेस आदि शामिल हैं। इन बैंकों के विश्व के कई देशों में शाखाएं हैं। हालांकि बैंकों ने जानकारी देने से साफ मना कर दिया है। बैंकों को अंदेशा है कि इससे ग्राहकों की जानकारी खतरे में पड़ सकती है। फेसबुक ने बैंकों से बैंक ग्राहकों के कार्ड से होने वाले ट्रांजेक्शन, खातों में कितना बैलेंस है और ग्राहकों ने अपने बैंक खाते से कहां-कहां खरीदारी की है की जानकारी मांगी है।

फेसबुक अपनी मैसेंजर सेवा से पैसे कमाना चाहता है, जिसके लिए उसने बैंकों से संपर्क किया है। हालांकि फेसबुक में डाटा चोरी विवाद के बाद से बैंक इस तरह की सेवाएं लेने से हिचकिचा रहे हैं। कैंब्रिज एनालिटिका ने अमेरिकी राष्ट्रपति के 2016 में हुए चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में 8.7 करोड़ लोगों का डाटा चोरी करने का आरोप भी लगा था।

फेसबुक की एक प्रवक्ता ने कहा कि अगर बैंक फेसबुक के साथ समझौता करते हैं तो उसे उन बैंकों के ग्राहकों का कुछ वित्तीय विवरण मिल सकता है। फेसबुक इस डाटा का इस्तेमाल प्रचार या किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं करेगी। फेसबुक ने एक बयान में कहा कि इन सूचनाओं का इस्तेमाल ग्राहक सेवा के अलावा किसी और उद्देश्य से नहीं किया जाएगा। ग्राहकों के डाटा की संवेदनशीलता को अहम बताते हुए कंपनी ने कहा कि बैंकों के साथ इस तरह के समझौतों में ग्राहकों की सूचनाएं सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण काम है।