नई दिल्लीः केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली तीन महीने की लंबी बीमारी के बाद आज संसद पहुंचे तो सत्तापक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर उनका स्वागत किया। वहीं हरिवंश के उपसभापति का चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब उनको बधाई देकर लौटे तो उन्होंने जेटली से हाथ मिलाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ा दिया। इस पर जेटली ने मुस्काराते हुए अपना हाथ बढ़ाने की बजाए दोनों हाथ जोड़कर पीएम का अभिवादन किया। दरअसल डॉक्टर ने जेटली को संक्रमण से बचने के लिए लोगों से दूर रहने की सलाह दी है। इसी के चलते जेटली ने मोदी से हाथ नहीं मिलाया और इसकी वजह भी बताई। पीएम ने भी हाथ जोड़कर जेटली का अभिवादन स्वीकार किया।

वहीं मोदी के सदन आने से पहले सभापति एम. वेंकैया नायडू ने जेटली की सेहत के लिहाज से सदस्यों को सलाह दी कि वे पास जाकर उनसे हाथ नहीं मिलाए। उन्होंने कहा कि सदस्यों को अति उत्साह दिखाते हुए जेटली से हाथ नहीं मिलाना चाहिए और उनसे दूर से बात करनी चाहिए क्योंकि डॉक्टरों ने उन्हें संक्रमण से बचने के लिए लोगों से दूर रहने की सलाह दी है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी जैसे विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने भी जेटली के सदन में आते ही मेजें थपथपाईं।

जेटली का गत मई में गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ था और उसके बाद से वह किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग नहीं ले रहे थे और स्वास्थ्य लाभ कर रहे थे। वह मानसून सत्र के दौरान आज पहली बार सदन में आए थे। वे घर से ही सारे कामकाज निपटा रहे हैं। फिलहाल जेटली के मंत्रालय रेल मंत्री पीयूष गोयल संभाल रहे हैं।