लॉस एंजलिसः ईरान पर फिर से कड़े प्रतिबंध लगाते हुए अमरीका ने  दुनिया के अन्य देशों पर भी वे ईरान से दूरी बनाने का दबाव बढ़ा दिया है  ।अमरीकी  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा है कि जो देश ईरान के साथ ट्रेड (व्यापार) के लिए संबंध जारी रखेंगे, वे अमरीका के साथ व्यापारिक संबंधों को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे। ट्रंप ने कहा, ‘ईरान पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। नवंबर महीने में यह पाबंदी और बढ़ेगी। ईरान के साथ जो देश संबंध जारी रखना चाहते हैं वह अमरीका के साथ अपने संबंधों को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे।

उन्होंने् कहा , मैं दुनिया में शांति के लिए ऐसा कह रहा हूं, इससे कम कुछ भी नहीं। मई में  ट्रंप द्वारा ऐतिहासिक बहुपक्षीय परमाणु समझौते को तोड़ते वक्त छोड़े गए कठोर प्रतिबंधों को इस बार लागू किया गया। इसके तहत अब ईरान सरकार न तो अमरीकी मुद्रा खरीद सकेगी और न ही अमरीका के साथ कारों या कालीनों का कारोबार कर पाएगी। 8 मई को ट्रंप ने ईरान के साथ पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन द्वारा किया गया परमाणु समझौता तोड़ते हुए पहले चरण के प्रतिबंध लगाए थे, जिन्हें अगस्त से लागू होना था। दूसरे चरण के प्रतिबंध पांच नवंबर से लागू होंगे।

इसके लिए अमरीका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाते हुए ईरानी ऑटोमोबाइल सेक्टर और उसके साथ सोने व कीमती धातुओं के व्यापार पर भी रोक लगा दी। ईरान सरकार अब तक अमेरिकी मुद्रा की खरीदी कर सकती थी लेकिन अब उसे भी रोक दिया गया है साथ ही ईरान से अमरीका आने वाले कालीन और अन्य उद्योगों को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध मंगलवार से लागू हो रहे हैं जबकि परमाणु प्रतिबंध 5 नवंबर 2018 से लागू होगा।

ईरान पर दोबारा प्रतिबंध लगाने की घोषणा करते हुए ट्रंप ने ये भी कहा कि यदि ईरान अपनी दुराग्रहपूर्ण गतिविधियां रोके तो अमरीका उसके साथ नया परमाणु समझौता करने को तैयार है। इसके लिए ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने, बैलेस्टिक मिसाइल बनाने और आतंकवाद का समर्थन करने वाले कार्य रोकने होंगे। ट्रंप ईरानी राष्ट्रपति को मुलाकात के लिए पहल भी कर चुके हैं।