तिरुवनंतपुरम : केरल में आफत की बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है. लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण राज्य में बीते 24 घंटे में मरने वालों की संख्या 18 से 24 पहुंच गई है. वहीं, मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी राज्य में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. माना जा रहा है कि अगर आज भी तेज बारिश होती है तो राज्य के हालात और भी ज्यादा बिगड़ सकते हैं.

इडुक्की बांध की देखरेख करने वाले केरल राज्य बिजली बोर्ड (केएसईबी) ने रेड अलर्ट जारी करते हुए कहा कि जलाशय के दरवाजों को शुक्रवार सुबह छह बजे खोल दिया गया है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर सकता है. बोर्ड की ओर से इन इलाकों में रहने वाले लोगों का सर्तक रहने के लिए कहा गया है.

Kerala: Heavy and incessant rains have led to a flood-like situation in Palakkad (visuals of 9 August) pic.twitter.com/OiFCxY9kQT

— ANI (@ANI) August 9, 2018

आपदा प्रबंन अधिकारियों के मुताबिक, बारिश का सबसे ज्यादा असर इडुक्की जिले में देखने को मिला है. इडुक्की जिले में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण 26 साल में पहली बार इडुक्की बांध को खोला गया है. अधिकारियों का कहना है कि बारिश के बाद आए भूस्खलन के कारण जिले में मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है.

मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने स्थिति को ‘काफी विकट’ करार दिया है. विजयन ने मौसम पूर्वानुमान के मद्देनजर अलप्पुज्हा में शनिवार को होने वाली सालाना नेहरू बोट रेस स्थगित कर दी है. इदामालयर बांध को खोले जाने के बाद पेरियार नदी में बाढ़ आ गई और पानी कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के परिसर तक पहुंच गया, जो दोपहर बाद सभी पहुंचने वाले विमानों के लिए बंद था. लेकिन, पानी 3 बजे हटने के बाद, हवाईअड्डे को फिर खोला गया.

भारी बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं जिस कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 24 बांधों को खोल दिया गया है। एशिया के सबसे बड़े अर्ध चंद्राकार बांध इडुक्की जलाशय से पानी छोड़े जाने से पहले रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।

गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि केरल के विभिन्न जिलों में 8-9 अगस्त की रात को भारी बारिश व भूस्खलन की वजह से 22 लोगों की मौत हो गई। इसमें इडुक्की में 11, मल्लपुरम में पांच, वयानाड में तीन, कन्नूर व एर्नाकुलम में दो-दो व कोझीकोड में एक व्यक्ति की मौत हुई। कक्षा 12वीं के दो छात्र जो कोच्चि के निकट बाढ़ के पानी में मछली मार रहे थे, बह गए। बाद में उनका शव बरामद किया गया.

सरकार ने बताया कि राज्य में पिछले दो दिनों में दस हजार से अधिक लोगों को 157 राहत शिविरों में भेजा गया है. सरकार ने लोगों से कहा है कि राज्य के ऊपरी इलाकों और बांध वाले इलाकों में नहीं जाएं.

समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि बाढ़ की स्थिति ‘काफी विकट’ है और राज्य के इतिहास में पहली बार 24 बांधों को एक साथ तब खोला गया है जब उनमें जल स्तर अधिकतम सीमा तक पहुंच गया है. इडुक्की जलाशय के चेरूथोनी बांध को 26 वर्षों के बाद खोला गया है. अधिकारियों ने बताया कि वायनाड जिले में तीन लोगों की जबकि कन्नूर, एर्नाकुलम और पलक्कड़ में दो-दो लोगों की मौत हुई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "मुख्यमंत्री पी विजयन से राज्य में बाढ़ की स्थिति को लेकर चर्चा हुई. प्रभावितों को हर संभव मदद देंगे. हम मुश्किल की घड़ी में केरल के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं."

Spoke to Kerala CM Shri Pinarayi Vijayan and discussed the situation arising due to floods in various parts of the state. Offered all possible assistance to those affected. We stand shoulder to shoulder with the people of Kerala in the wake of this calamity. @CMOKerala

— Narendra Modi (@narendramodi) August 9, 2018

केरल में बारिश और भूस्खलन के बाद आई प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए भारत सरकार की ओर तो अलर्ट जारी कर दिया गया है. वहीं, अमेरिका ने भी अपने देश के लोगों को केरल न जाने की सलाह दी है.