मौत इक दरिंदा है जिंदगी बला सी है, सुबह भी उदासी है शाम भी उदासी है। मुजफ्फरपुर और यूपी के देवरिया के बाद भोपाल का नाम भी उस दरिंदगी में जुड़ गया है। यहां एक एनजीओ वाला अश्विनी शर्मा मूकबधिर युवतियों से ज्यादती कर रहा था। खबर को पूरी डिटेल के साथ लीड बनाया गया। कल भोपाल के महावीर मेडिकल कालेज पे दो करोड़ के जुर्माने वाली गलत खबर छापने के लिए अखबार ने माफी मांग ली। तीन तलाक मामले में सरकार बैकफुट पे आ गई है। खबर को खासी तवज्जो मिली। साथ ही सड़क चाहे जिस ऐजेंसी की हो उसके गड्ढे भरने की जवाबदारी निगम की होगी। हायर एजुकेशन विभाग ने 27 हजार आवेदकों की डिग्रियां पब्लिक डोमेन में डाल दीं। जीआईएस सर्वे से निगम के संपत्तिकर राजस्व में बढ़ोतरी हो गई और निगम कर्मियों की मिलीभगत भी उजागर हो गई।