संयुक्त राष्ट्र/वाशिंगटन: संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने उत्तरी यमन में विद्रोहियों के नियंत्रण वाले उत्तरी यमन में सउदी गठबंधन के एक बस पर हुए हमले में कम से कम 29 बच्चों के मारे जाने के मामलों की जांच की मांग की है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कल सभी पक्षों से कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के तहत तय जिम्मेदारियों का सम्मान करें और हमलों के दौरान खास तौर से इनका ध्यान रखें. उन्होंने फिर से बातचीत को ही यमन संकट का एकमात्र हल बताया. वहीं अमेरिका ने भी बस पर हुए हमले की विस्तृत जांच की मांग की है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट का कहना है कि अमेरिका एक हमले में असैन्य नागरिकों की मौत से ‘‘चिंतित’’ है. नोर्ट ने कहा, ‘‘हम सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन से इस घटना की विस्तृत और पारदर्शी जांच की मांग करते हैं.’’

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) प्रमुख ने यमन में एक स्कूल बस को हवाई हमले में निशाना बनाए जाने की निंदा की, जिसमें दो दर्जन से अधिक बच्चों की मौत हो गई. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरिटा फोर ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, "बच्चों पर हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं." उन्होंने कहा,"मैं हवाई हमले में मासूम बच्चों को निशाना बनाए जाने की खबर से डरी हुई हूं.

स बहुत हो गया." अधिकारियों ने बताया कि सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना द्वारा गुरुवार को उत्तरी यमन में बसों पर हवाई हमले करने की घटना में 43 लोग, जिनमें ज्यादातर बच्चे 10 साल से कम उम्र के थे हमले में मारे गए और कई घायल हो गए.  हौती विद्रोहियों द्वारा संचालित अल मसिराह टीवी के मुताबिक, बसें जब विद्रोहियों के कब्जे वाले प्रांत सादाह के दहयान बाजार से गुजर रही थीं, उस समय उन्हें निशाना बनाया गया. यूएन न्यूज के अनुसार, कुछ र्पिोटों में हताहतों की संख्या 60 से ऊपर होने और दर्जनों लोगों के घायल होने की बात कही गई है