कोलकाता : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी में सियासी घमासान के बीच शनिवार (11 अगस्त) को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह राज्य के दौरे पर हैं. अमित शाह कोलकाता के मेयो रोड में जनसभा को संबोधित करेंगे. शाह के दौरे से जहां एक तरफ बीजेपी कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिल रहा है तो दूसरी तरफ टीएमसी कार्यकर्ता कथित तौर पर इस रैली का विरोध कर रहे हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि आज होने वाली इस रैली में अमित शाह 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद करेंगे.

अमित शाह के मंच को सजाने के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं ने स्पेशल रांची से कारीगर बुलाए हैं. बता दें कि पंडाल बनाने के लिए रांची के कारीगर काफी प्रख्यात हैं. सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, अमित शाह के मंच के लिए जोरदार तैयारियां की जा रही हैं, क्योंकि पीएम मोदी के मंच गिरने के बाद पार्टी ने सबक लिया है और वह नहीं चाहती है कि शाह के कार्यक्रम में किसी तरह की गलती हो. भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष देवजीत सरकार ने बताया कि रांची के डेकोरेटर से शाह की सभा का मंच तैयार कराया जा रहा है.

इससे पहले पीएम मोदी की पश्चिम बंगाल में जनसभा के दौरान पंडाल गिर जाने से काफी नुकसान हुआ था. इस दौरान लगभग 90 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हुए थे.

अमित शाह की रैली पर निगरानी के लिए ड्रोन की मांग करने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं की मांग को राज्य सरकार ने इनकार कर दिया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमलोगों ने शनिवार को शाह की होने वाली रैली पर निगरानी रखने के लिए एक ड्रोन उड़ाने की कोलकाता पुलिस से अनुमति के लिए आवेदन किया है. उन्होंने कहा कि यह महज सुरक्षा कारणों के लिए की जा रही है.

शाह के कोलकाता दौरे से एक दिन पहले शहर के मध्य मायो रोड स्थित उनके रैली स्थल के आसपास ऐसे पोस्टर लगे दिखे जिन पर ‘‘भाजपा बंगाल छोड़ो’’ लिखा है. प्रदेश बीजेपी ने आरोप लगाया कि ‘‘भाजपा बंगाल छोड़ो’’ और ‘‘बंगाल विरोधी भाजपा वापस जाओ’’ संदेश वाले पोस्टर तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लगाये गए हैं. हालांकि इस आरोप से पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इनकार किया. भाजपा के एक अन्य नेता ने कहा कि बंगाल तृणमूल कांग्रेस की ‘‘निजी सम्पत्ति’’ नहीं है, पार्टी को ऐसी मांगें करने का कोई अधिकार नहीं है.