मेलबोर्नः आॅस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने बताया कि जब वह सफेद जर्सी और हरी कैप पहने हुए बैठे थे उसी दौरान उन्हें फोन पर राष्ट्रीय टेस्ट टीम में नहीं चुने जाने की निराशाजनक सूचना मिली थी। मैक्सवेल को अक्टूबर में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए आॅस्ट्रेलिया की टीम में नहीं चुना गया है जबकि चयनकर्ताओं ने 15 सदस्यीय इस टीम में पांच नवोदित खिलाड़ियों को शामिल किया है।

29 वर्षीय स्टार ऑलराउंडर के लिए इस सीरीज से बाहर किया जाना काफी दुखद है और उन्होंने इस पर खुलकर निराशा भी जताई है। वहीं पूर्व आॅस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने भी मैक्सवेल को टीम से बाहर करने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, ''यदि मैं मैक्सवेल होता तो सोचता कि मुझे टीम में मौका क्यों नहीं दिया गया।'' मैक्सवेल ने पाकिस्तान सीरीज के लिए टीम से बाहर किए जाने के फैसले पर निराशा जताते हुए कहा, ''मेरे लिए यह बात को पचाने में काफी समय लग गया। यह सुनने में अजीब लगेगा लेकिन जब मुझे फोन आया तो उस समय मैंने टेस्ट जर्सी बैगी ग्रीन पहनी हुई थी। दरअसल मैं एक प्रायोजक के लिए फोटोशूट कर रहा था और उस समय ग्रीन कैप मेरे सिर पर थी।

मैक्सवेल ने पांच वर्षाें में आॅस्ट्रेलिया के लिए सात टेस्ट खेले हैं और अपना आखिरी टेस्ट दो वर्ष पहले बांग्लादेश के चटगांव में खेला था। आॅस्ट्रेलिया के निलंबित खिलाड़ी स्टीवन स्मिथ, डेविड वार्नर और कैमरन बेनक्राफ्ट के बॉल टेंपरिंग के कारण टीम से बाहर होने पर टिम पेन को कप्तान बनाया गया है जबकि चयनकर्ताओं ने पांच नए चेहरों को टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में मैक्सवेल को बाहर किए जाने पर सबसे अधिक सवाल उठ रहे हैं।