भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में शुमार रहे महेंद्र सिंह धोनी मैदान में विरोधी टीमों को धूल चटाने के लिए अपने दिमाग का 'हथियार' के रूप में भरपूर इस्तेमाल करते थे. 2017 में धोनी ने कप्तानी (सीमित ओवरों के प्रारूप से) छोड़ने का फैसला किया और विराट कोहली को अपना उत्तराधिकारी बनाने का रास्ता बनाया. धोनी का कप्तानी से हटना भारतीय प्रशंसकों के लिए किसी सदमे से कम नहीं था, क्योंकि धोनी ने अचानक यह निर्णय लिया था. हालांकि यह पहली बार नहीं था, जब धोनी ने बिना कोई भनके लगे कप्तानी छोड़ी हो.

दिसंबर 2014 में धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के बीच में ही अचानक टेस्ट कप्तानी छोड़ी थी. इतना ही नहीं उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से तत्काल रिटायर होने की भी घोषणा कर दी.

हाल ही में रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ के साथ एक मोटिवेशनल प्रोग्राम के दौरान धोनी ने वनडे और टी-20 की कप्तानी से हटने की वजह का खुलासा किया. एक रिपोर्ट के मुताबिक धोनी ने कहा, 'मैंने कप्तानी से इसलिए इस्तीफा दे दिया क्योंकि मैं चाहता था कि नए कप्तान (विराट कोहली) को 2019 के वर्ल्ड कप से पहले एक टीम तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिले.'

टीम इंडिया के 37 साल के तजुर्बेकार विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, 'नए कप्तान (विराट कोहली) को उचित समय दिए बिना एक मजबूत टीम का चयन करना संभव नहीं है. मेरा मानना है कि मैंने सही समय पर कप्तानी छोड़ दी.' इसके अलावा इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर धोनी ने कहा कि अभ्यास मैचों की कमी की वजह से भारतीय बल्लेबाजों को अपमानजनक परिस्थितियों से गुजरना पड़ा.