अहमदाबाद: अहमदाबाद के नरोदा में काले जादू को वजह बताकर आत्महत्या करने वाले कुणाल त्रिवेदी और उनके परिवार की मौत के मामले में एक नया खुलासा हुआ है. दरअसल, पुलिस को कुणाल के घर से उनकी पत्नी कविता के हाथ से लिखा एक और सुसाइड नोट बरामद हुआ. जिसके मुताबिक कुणाल की प्रेमिका की आत्मा उन्हें परेशान करती थी.

उस सुसाइड नोट में कविता ने ऐसे राज को खोले हैं, जिससे आत्महत्या का सारा मामला साफ हो जाता है. कविता ने उस नोट में लिखा है "कुणाल की एक प्रेमिका थी. जिससे वह शादी करना चाहता था. हालांकि परिवार वालों के इनकार कर देने पर कुणाल ने उससे शादी नहीं की थी. इसी के चलते उस लड़की ने आत्महत्या कर ली थी. उसी प्रेमिका की आत्मा उन्हें परेशान करती थी."

यही नहीं कविता ने अपने सुसाइड नोट में ये भी लिखा है "उसने अपना बंग्लो एक करोड़ रुपये में बेचा था. वो पैसे आने के बाद जो भी पैसा बचा था, वो मैंने और कुणाल ने आपस में बांट लिया है. मैं अपना पैसा आपको दे रही हूं. आज दिन तक मैंने जो भी बचत की है, वो श्रीन बेटी के लिए है. लेकिन श्रीन को मैं अपने साथ ले जा रही हूं. वो हिस्सा भी मैं आपको देना चाहती हूं."

आत्मा के परेशान करने की बात कहते हुए कविता ने अपनी चिठ्ठी में आगे लिखा है "ना तो वो मारना चाहती है और ना ही वो जीने देना चाहती है. जिस वजह से काफी सोचने के बाद ये कदम उठा रहे हैं. कभी आपने ऐसा सोचा है कि इंसान को इतनी तकलीफ आ सकती है. हर दो चार दिन में एक नई बात सुनने को मिलती है. और वह हमें शांति से जीने नहीं देना चाहती है. दुनिया इस बात को नहीं समझेगी. उल्टा पागल कहेगी. इसलिए हम सब साथ जा रहे हैं. कुणाल की और से कोई जबरदस्ती नहीं है, मैंने बहुत सोचने के बाद ही ये निर्णय किया है. क्योंकि कुणाल के बिना जीना बहुत मुश्किल है. ये दुनिया हम मां बेटी को जीने नहीं देगी."

वहीं कुणाल त्रिवेदी के घर के दरवाजे के ऊपर जो तस्वीर लगी थी, वो भी उनकी अंधश्रद्धा की और इशारा करती है. हालांकि पुलिस ने कुणाल की मां का बयान दर्ज किया है. जिसमें उन्होंने बताया कि कविता ने कुणाल की जिस प्रेमिका का जिक्र किया था, कुणाल बार-बार उन्हें कहता था कि वो उससे शादी करना चाहता था. लेकिन उसने आत्महत्या कर ली. अब उसकी आत्मा उसे परेशान कर रही है.

डीसीपी अहमदाबाद का कहना है कि कुणाल और कविता का सुसाइड प्लान कुछ दिनों पहले से था. 8 सितम्बर को कविता की बहन के घर ड्राइवर के हाथ तीन बैग भेजे थे. जिसमें कपड़े, सोने के गहने और नकद रुपये थे. जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपये ऑकी है. उसी बैग में कविता की लिखी गई ये चिठ्ठी थी. ड्राइवर के हाथों भेजे गए बैग को कुछ दिनों के लिये उनके घर में रखने के लिये कहा गया था. वहीं कुणाल की मां का कहना है कि कुणाल काफी आक्रामक स्वाभाव का था. वह हमेशा अपनी प्रेमिका का नाम लेकर कविता के साथ झगड़ा करता था.

8 तारीख को ही कविता ने अपनी कामवाली से कहा था कि घर के बाहर ताला लगा कर चली जाना. जिसके बाद कामवाली ताला लगा कर चली गई थी. हालांकि उन लोगों ने आत्महत्या 11 तारीख को की थी. तब तक वे घर के अंदर ही थे. पुलिस को कुणाल के घर से नींद की गोलियां भी मिली हैं. पुलिस को शक है कि उस गोली का इस्तेमाल बेटी को बेहोश करने और फिर उसे फांसी पर लटकाने के लिए किया गया था. फिलहाल, अंधविश्वास ही इस पूरे मामले की वजह मानी जा रही है.