ऐपल ने पहली बार डुअल सिम सपोर्ट वाला iPhone लॉन्च किया है. हालांकि फिजिकल डुअल सिम सपोर्ट वाला iPhone Xs सिर्फ चीन में लॉन्च होगा. भारत में e-SIM सपोर्ट वाला वेरिएंट लॉन्च होगा. पहला सवाल आपके मन में आएगा वो ये है कि ई-सिम काम कैसे करेगा. ऐपल के लिए ई-सिम का कॉन्सेप्ट नया नहीं है, क्योंकि पिछले साल कंपनी ने Apple Watch Series 3 सेल्यूलर एडिशन में भी ई-सिम सपोर्ट दिया था.
क्या iPhone Xs और Xs Max में दो सिम स्लॉट मिलेंगे?

नहीं. इन स्मार्टफोन्स में सिर्फ एक ही फिजिकल सिम कार्ड लगा सकेंगे.
Airtel और Jio के साथ पार्टनर्शिप

ऐपल ने इन आईफोन में ई-सिम देने के लिए भारतीय टेलीकॉम कंपनी एयरटेल और जियो के साथ पार्टनर्शिप की है. ये टेलीकॉम कंपनियां आईफोन के नए मॉडल्स में पहले से ही सिम इंस्टॉल करके देंगे जिसे आप निकाल नहीं सकते हैं, क्योंकि ये फोन का हिस्सा होंगे.

इसके अलावा आप एक दूसरा सिम लगा सकेंगे यानी आप दो नंबर यूज कर पाएंगे. अगर आप चाहें तो ई-सिम का नेटवर्क भी बदल सकते हैं और इसके लिए आपको वो सिम निकालने की भी जरूरत नहीं होगी. यानी अगर आपने एयरटेल ई-सिम वाला आईफोन खरीदा है और आपको जियो ई-सिम चाहिए तो ऐसा आप कर सकते हैं.
eSIM की क्या है खासियत

दोनों एक ही काम करते हैं. लेकिन आम फिजिकल सिम के मुकाबले ई-सिम ज्यादा एफिशिएंट माना जाता है. इसके अलावा आपको एक सिम लेकर भी चलने की जरूरत नहीं होगी. ई-सिम से भी आप दो कंपनियों के अलग अलग डेटा पैक यूज कर सकते हैं, कॉलिंग प्लान यूज कर सकते हैं और दो नंबर रख सकते हैं.

एक नंबर पर कॉल आने पर दूसरा नंबर व्यस्त बताएगा. हालांकि एक समय में किसी भी नंबर पर कॉल आ सकती है. आईफोन एक बार में सिर्फ एक सेल्यूलर डेटा नेटवर्क यूज करता है, क्योंकि इसमें डुअल सिम डुअल स्टैंडबाइ फीचर दिया गया है. कुछ डुअल सिम स्मार्टफोन में डुअल सिम डुअल ऐक्टिव सपोर्ट दिया जाता है इसलिए वो एक बार में दो नेटवर्क यूज कर सकते हैं.

काफी समय से भारतीय कस्टमर्स डुअल सिम सपोर्ट वाले आईफोन की मांग करते आए हैं. इस बार कंपनी ऐसा ही किया है. रिव्यू के बाद देखना अहम होगा कि ये टेक्नॉलॉजी परफॉर्म कैसे करती है.