सुबह की शुरुआत ज्यादातर लोग चाय के साथ करते हैं। सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया भर में लोग चाय के अलग-अलग फ्लेवर पीना पसंद करते हैं। सुपर मार्किट में तो आजकल हर्बल टी की कई तरह की वेरायटी आसानी से मिल जाती हैं इसलिए, आज के समय में टी डिटॉक्स करना आसान हो गया है। इस जरिए शरीर से विषैले पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते हैं और कई तरह की सेहत संबंधी परेशानियों से आराम मिलता है। यही कारण है कि आजकल टीटॉक्स करना जरूरी हो गया है।

टीटॉक्स के जरिए शरीर के टॉक्सिंस आसानी से बाहर निकल जाते हैं जिससे वजन कंट्रोल होने से साथ-साथ त्वचा भी चमकदार बनती है। एक्सपर्ट का भी मानना है कि इससे सैल्यूलाइट से छुटकारा भी मिलता है। इस चाय में दूध, चीनी और चाय की पत्तियां नहीं बल्कि दालचीनी, सौंफ,अदरक,धनिया,हल्दी, एनिज आदि कई तरह के हर्ब्स का इस्तेमाल किया जाता है।

न्यूट्रीशनिस्ट का मानना है कि ये चाय कई तरह के औषधीय लाभ पहुंचाती है। जापान की एक कप 'माचा टी' में 137 कप ग्रीन टी के बराबर ऑक्सीजन होती है! इसके फायदों को देखते हुए डॉक्टर्स और थैरेपिस्ट भी इसका इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। औषधि और मसालों से तैयार की गई चाय प्रतिरोधक क्षमता में सुधार लाने के काम करती है। इसके अलावा भी इसके बहुत फायदे हैं। हालांकि, जब टीटॉक्स की जाती है तो चाय के कपों की संख्या बहुत अधिक बढ़ जाती है और इसलिए यह जानना आवश्यक हो जाता है कि इसका सही तरीके से पालन कैसे किया जाए।

यह जापान की पारंपरिक चाय है। यह पाउडर के रूप में आसानी से उपलब्ध हो जाती है। देखने में यह ग्रीन टी की तरह ही लगती है, इसके नियमित प्रयोग से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। कैंसर,हृदय रोग,हार्ट अटैक जैसे रोगों से लड़ने में ये बेहद मददगार है। इसके अलावा वजन घटाने,मानसिक परेशानी दूर करने और ब्यूटी के लिए भी माचा टी बहुत लाभकारी है।

टीटॉक्स फॉलो करने के दौरान दिन में समय-समय पर हर्बल चाय का सेवन करना पड़ता है। इसे अपना मर्जी शुरू न करें। अपने डॉक्टर से बॉडी को सूट करती हर्ब और इसे पीने के सही तरीके के बारे में जानकारी लें। दिन में कब और कितने समय टीटॉक्स करना जरूरी है इस बात की जानकारी होना बहुत जरूरी है तभी इसका सही फायदा मिल सकता है।

ग्रीन टी हार्ट,स्किन, दिमाग,हड्डियों, वजन कंट्रोल करने के साथ-साथ कैंसर और टाइप 2 डायबिटीज जैसी बीमारियों से भी राहत दिलाने में कारगर है। इस टीटॉक्स से बॉडी अच्छी तरह से डिटॉक्स हो जाती है।
सुबह इसका सेवन करने से मेटाबॉलिज्म हाई होता है और शाम के समय लेमन टी पेट से जुड़ी परेशानियों से राहत दिलाने का काम करती है। पाचन संबंधी क्रिया और आंतों को साफ करने में लेमन टी लाभकारी है। इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल भी सही रहता है।

पेपरामेंट टी स्फूर्ति के साथ-साथ प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने का भी काम करती है। डॉक्टरी सलाह से इसे पीने का समय और तरीका जानकर ही फॉलो करें।

स्ट्रॉबेरी टी स्किन इंफैक्शन से छुटकारा दिलाने में मददगार है। एक्जिमा जैसी कई परेशानियों से राहत दिलाने में ये लाभकारी है।


डॉक्टर की सलाह के बिना टीटॉक्स फॉलो न करें। हर किसी की हेल्थ प्रॉब्लम और शारीरिक जरूरत के हिसाब से इसे पीने की सलाह दी जाती है। ब्रेस्टफीडिंग करवाने वाली महिलाएं, प्रेग्नेंट औरतें, माइग्रेन,एसिडिटी आदि में इसका सेवन न करें। इसके अलावा 15 साल की उम्र से कम लोगों का इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

इसे पीने से किसी तरह के कोई शारीरिक लक्षण देखने को मिलें जैसे डायरिया,सिर दर्द,उल्टी,चक्कर आना आदि तो इसका सेवन कम या फिर बंद कर दें। इस बारे में अपने डॉक्टर से बात जरूर करें। डॉक्टर टीटॉक्स को साल में 2 से 4 बार फॉलो करने की सलाह देते हैं। कई बार को इसका सेवन करने वाली के शारीरिक क्षमता के हिसाब से 6 सप्ताह का अंतर रखने की भी सलाह दी जाती है।

न्यूट्रिशनिस्ट नीतीश नायक का इस बारे में कहना है कि टीटॉक्स के साथ हैल्दी फूड,फल और सब्जियों का सेवन करना न छोड़ें क्योंकि इससे पोषण तत्वों की कमी पूरी नहीं होती। टीटॉक्स के साथ आप लो कैलोरी की बजाए पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। मछली,सलाद,ड्राई फ्रूट्स,स्मूदी का अपनी डाइट में शामिल करें।

 टीटॉक्स में फ्रेश हर्ब्स का ही इस्तेमाल करें, अदरक, एनिस सीड्स, केसर, लौंग, पुदीना को एक बार से ज्यादा इस्तेमाल न करें। इसके अलावा हरी चाय के पत्ते,तुलसी के पत्ते और गुलाब की पत्तियां भी फायदेमंद हैं। चाय में लेमन ग्रास, नीम, अदरक,तुलसी को ज्यादा मात्रा में शामिल न करें। टीटॉक्स का समय सही होना बहुत जरूरी है, दिन में 3-4 कप चाय पीएं। सुबह उठने के बाद 1 कप, नाश्ते के बाद दूसरा कप,तीसरा कप शाम के वक्त और चौथा कप रात का खाना खाने के आधा घंटा पहले लें। इस बात का ध्यान रखें कि चाय न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह से ही तैयार करें।