नई दिल्ली: यूजर की प्राइवेसी की कीमत कितनी है? सिर्फ 219 रुपये. हाल ही में कुछ हैकर्स ने फेसबुक की प्राइवेसी में सेंध मार 50 मिलियन अकाउंट्स को हैक कर लिया था जहां अब इन्ही अकाउंट्स को अंडरग्राउंड मार्केट यानी की डार्क वेब में सिर्फ 3 डॉलर यानी की 219 रुपये में बेचा जा रहा है.

इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार ड्रीम मार्केट जैसे डार्क वेब मार्केट में ये अकाउंट्स देखे गए हैं. बता दें कि ये इन मार्केट्स में एमेजन और ईबे जैसे ई कॉमर्स बेबासाइट के विक्रेताओं को भी वेरिफाई किया जाता है. इन हैक किए गए अकाउंट्स को 219 रुपये से लेकर 884 रुपये के बीच बेचा जा रहा है. लेकिन यहां पर आपको बता दें कि इन अकाउंट्स को सिर्फ बिटक्वाइन और बिटक्वाइन कैश जैसी डिजिटल करेंसी की मदद से ही खरीदा जा सकता है.

पिछले हफ्ते फेसबुक ने इस बात का एलान किया था कि यूजर्स को 50 मिलियन अकाउंटस् को हैकर्स ने हैक कर लिया है. जहां हैकर्स ने एक्सेस टोकन पर कब्जा कर लिया था और डिजिटल की की मदद से अकाउंट को एक्सेस किया था.

फेसबुक के प्रोडक्ट मैनेजमेंट के उपाध्यक्ष गे रोसेन ने एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'यह स्पष्ट है कि हमलावर फेसबुक का कोड भेदने में सफल रहे.' मार्क जुकरबर्ग ने कहा था कि इंजीनियरों ने मंगलवार को इस खामी का पता लगाया गुरुवार रात तक इसे ठीक कर लिया गया था. उन्होंने उस समय कहा था कि, 'हमने ये खामी दूर कर ली है और कानून प्रवर्तन को सूचित कर दिया है. जुकरबर्ग ने कहा था, 'हमें पता नहीं है कि क्या किसी अकाउंट का वास्तव में गलत इस्तेमाल हुआ है. यह गंभीर मुद्दा है. बता दें कि फेसबुक ने अस्थायी तौर पर 'व्यू एज' फीचर को हटा लिया था. यह फीचर एक प्राइवेसी टूल है जो यूजर को देखने की अनुमति देता है कि उसका अपना प्रोफाइल किसी दूसरे यूजर को कैसा दिखेगा.