इंडिया टुडे कॉनक्लेव ईस्ट के 5 अक्टूबर के सेशन में शिरकत करने पहुंचीं पूर्व एक्ट्रेस-राजनेता मुनमुन सेन ने यहां "फिल्म फैमिली फेम : टू जेनरेशन ऑफ़ स्टारडम" सेशन में बताया कि जब वह पहली बार संसद भवन पहुंचीं तो उनके लिए पहले से ही दोस्ताना माहौल था.

एक्ट्रेस से सांसद बनने वाली मुनमुन ने बताया, "वहां (संसद में) पर उनके कई दोस्त थे. इन दोस्तों में ज्यादातर दोस्त पुरुष थे जैसा कि आज भी संसद में बहुमत पुरुष राजनेताओं का है... जब मैं वहां पहुंची तो ऐसा लगा कि मैं एक और हूं जो यहां आ गई हूं."

मुनमुन ने बताया, "यदि किसी को मुझसे कोई बात करनी होती थी तो वो संसद के बाहर बात करता था. मैं भी संसद के बाहर ही लोगों से बात करती थी." क्या ऐसा पार्टी के निर्देशों के चलते था? इस पर मुनमुन ने कहा, "पार्टी मेरे बात करने से खुश थी. बस मैं वहां बात करने में थोड़ी नर्वस हो जाया करती थी."

तमाम बंगाली, हिंदी, तमिल, तेलुगू, मलयालम, मराठी और कन्नड़ फिल्मों में काम कर चुकीं एक्ट्रेस मुनमुन ने बताया कि किस तरह राजनीति में कनेक्टिविटी से पहले उनके लिए उनका स्टारडम काम कर जाता था. मालूम हो कि मुनमुन ने बांकुड़ा से 9 बार एमपी रहे सीपीएम नेता बासुदेव आचार्य को हराया था. मुनमुन ने तृणमूल कांग्रेस की ओर से लोकसभा का चुनाव लड़ा था और उन्होंने हैरान करने वाली जीत हासिल की थी.