नई दिल्ली : चुनाव आयोग आज चार राज्‍यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और मिजोरम की चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा. दोपहर 3 बजे आयोग एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में इसकी घोषणा करेगा. आयोग के सूत्रों ने कहा कि समूची चुनावी प्रक्रिया दिसंबर के पहले हफ्ते तक खत्म हो जाएगी. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में चुनाव दो चरणों में होने की उम्मीद है, जबकि बाकी जगहों पर एक दौर में चुनाव हो सकते हैं.

इन चारों राज्‍यों में इसी साल विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है, लिहाजा, यहां चुनाव होने हैं. बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग तेलंगाना को लेकर भी घोषणा कर सकता है, क्योंकि वहां की विधानसभा भंग हो चुकी है. चुनावी तारीखों के ऐलान साथ ही छत्तीसगढ़ में 90 सीटों पर मौजूदा मुख्‍यमंत्री रमन सिंह की परीक्षा होगी, तो वहीं भाजपा के मजबूत राज्‍य कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में भी शिवराज सिंह चौहान अपने चौथे कार्यकाल के लिए दमखम लड़ाएंगे. मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटें हैं. मिजोरम में 40 विधानसभा सीटें हैं, जबकि राजस्‍थान में 200 विधानसभा सीटें हैं.

इससे पहले चुनाव के लिए सुरक्षा इंतजाम को चाक-चौबंद करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में करीब 25,000 सुरक्षाकर्मियों की चुनाव ड्यूटी पर तैनाती का आदेश दिया गया है. इन अर्धसैन्यकर्मियों और राज्य पुलिसकर्मियों को उनके लिए तय किए गए राज्यों में 15 अक्टूबर तक अपनी जिम्मेदारी संभाल लेने को कहा गया है. ये जवान चुनाव के लिए भेजे जाने वाली अतिरिक्त 250 कंपनियों का हिस्सा हैं.

50-50 नई कंपनियां मध्यप्रदेश और राजस्थान भेजी जानी हैं तथा सर्वाधिक 150 कंपनियां छत्तीसगढ़ भेजी जाएंगी. छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्से में माओवादी हिंसा का सबसे अधिक खतरा है. राज्य पुलिस या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की एक कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं. इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये 250 कंपनियां इन राज्यों में पहले से ही नक्सल रोधी अभियानों और कानून व्यवस्था में सहायता पहुंचाने के लिए तैनात अर्धसैनिक बलों के अतिरिक्त हैं.

छत्तीसगढ़ में पहले से ही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षाबल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस की करीब 40 बटालियन (एक बटालियन में करीब 1,000 कर्मी) वाम उग्रवाद की गतिविधियों से निपटने के लिए पूर्णकालिक रूप से तैनात हैं. अधिकारी ने बताया कि इन नई 250 कंपनियों को अन्य ड्यूटी और प्रशिक्षण से हटाकर शीघ्र ही इन राज्यों में भेजना होगा. उन्होंने कहा, ‘‘इन अतरिक्त कंपनियों को इन राज्यों में 15 अक्टूबर तक भेजने और उन्हें तैनात कर देने का आदेश है. चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों और चरणों की घोषणा किए जाने के बाद उनकी विस्तृत तैनाती योजना तैयार की जाएगी.’’

नई इकाइयों के लिए अधिकतम श्रमशक्ति वैसे तो सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और आरपीएफ जैसे केंद्रीय सुरक्षाबलों से ली जा रही है लेकिन गृह मंत्रालय उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात से भी विशेष पुलिस बटालियनों की व्यवस्था करने में लगा है.