नई दिल्ली: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार संविधान के खिलाफ काम करने वालों को ‘कुचलने’ के दौरान उनका राजनीतिक या वैचारिक झुकाव नहीं देखेगी।

‘हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मिट’ में फड़नवीस ने कहा कि वह ‘अति वामपंथ या अति दक्षिणपंथ’ को नहीं मानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ जो भी व्यक्ति या संस्थान संविधान के खिलाफ कृत्य करता है तो मैं उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। वे किसी भी वर्ग, जाति, धर्म, संस्थान का हो, या उनका झुकाव किसी भी ओर हो, लेकिन मैं उन्हें कुचल दूंगा।’’

फड़नवीस ने कारोबारियों, राजनयिकों, राजनीतिक नेताओं और टिप्पणकारों से कहा, ‘‘ यह मेरा राजधर्म है। मैं यही कर रहा हूं। मैं अति दक्षिणपंथ या अति वामपंथ को नहीं मानता हूं।’’

महाराष्ट्र पुलिस ने 28 अगस्त को वामपंथी कार्यकर्ताओं के घरों पर छापेमारी की थी और माओवादियों से संदिग्ध संपर्कों के मामले में पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनकी सरकार राजनीतिक विवाद के केंद्र में थी।

गिरफ्तार किए कार्यकर्ताओं को ‘शहरी नक्सली’ बताया गया तो मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया दी। आलोचनकों ने आरोप लगाया कि इन पांचों को सरकार के खिलाफ आलोचनात्मक नजरिया रखने के लिए दंडित किया जा रहा है।

फड़नवीस ने कहा, ‘‘ कुछ लोग दो समुदायों को एक दूसरे के खिलाफ भड़काना चाहते हैं ताकि गृह युद्ध जैसे हालत बन जाएं... न सिर्फ भीमा-कोरेगांव की बात है बल्कि वे छत्तीसगढ़ और अन्य स्थानों के नक्सलियों के संपर्क में थे... वे कई चीजों की साजिश रच रहे थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ यह एक बड़ी साजिश है जिसे हम सामने लाए। छद्म उदारवादी साथ मिल गए और उच्चतम न्यायालय चले गए। फिर भी अदालत का फैसला हमारे पक्ष में आया।’’