अचानक डर हावी होना, लंबे समय तक तनावग्रस्त रहने या अधिक असहज होने की स्थिति को पैनिक अटैक कहा जाता है। यह एकदम और बिना किसी वजह ही आ जाता हैं। इनके कुछ लक्षण स्पष्ट दिखाई देते हैं जबकि कुछ लक्षण नजर नहीं आते। हर व्यक्ति में पेनिक अटैक के लक्षण अलग-अलग होते हैं। आइए जानते हैं पैनिक अटैक क्या होता है, इसके लक्षण और बचाव।

इसका वैज्ञानिक जवाब है कि आपका शरीर फाइट ओर फ्लाइट मोड में चला जाता है। पैनिक अटैक तब आता है जब आप बेचैनी महसूस करते हैं और आपको लगता है कि कुछ बुरा होने वाला है। इसका असर कभी हल्का होता है तो कभी यह पैनिक डिसॉर्डर या सोशल फोबिया के रूप में सामने आता है, जो एंग्जायटी डिसॉर्डर का ही एक प्रकार है।

पैनिक अटैक के लक्षण एकदम सामने आते हैं। ये हर व्यक्ति में अलग-अलग होते हैं। हालांकि पैनिक अटैक खतरनाक नहीं होता और यह सिर्फ 10-15 मिनट तक का ही होता है।
1. पैनिक अटैक आने पर दिल की धड़कने सामान्य से तेज हो जाती है।
2. सांस का फूलना या ऐसे महसूस होना जैसे आपका गला दबाया जा रहा हो।
3. बेहोशी महसूस करना।
4. इसमें हाथों-पैरों की उंगलियां सुन्न हो जाती है। इसके अलावा हाथों-पैरों से पसीना छूटने लगता है।
5. दांतों का कटकटाना और कानों में घंटियां-सी बजना भी इसके लक्षणों में से एक है।
6. पैनिक अटैक आने पर आप आपा खो देते हैं।

पैनिक अटैक से बचाव
1. तनाव को न होने दें हावी
पैनिक डिसॉर्डर का मुख्य कारण है तनाव इसलिए इसे खुद पर हावी न होने दें। इसके लिए तुरंत किसी खुली जगह में जाए या आंखें बंद करके रिलैक्स होने की कोशिश करें।

2. गहरी सांस लें
जब भी पैनिक अटैक का एहसास हो तो शांति से बैठकर गहरी सांस लें। इससे शरीर व दिल की धड़कनें सामान्य हो जाएंगी। जब भी इस तरह की समस्या हो तो सबसे पहले एक ग्लास ठंडा पानी पीएं। इससे शरीर सामान्य स्थिति में आ जाएगा।

3. बंद आंखों वाला व्यायाम
जब पैनिक अटैक आए तो तुरंत एक शांत जगह पर जाकर सीधे लेट जाएं। फिर कुछ मिनटों के लिए हल्के से आंखों को बंद करे। इसके बाद धीरे-धीरे दिमाग से बुरे विचारों को निकालने की कोशिश करें। इससे आपको जल्दी आराम मिलेगा।

4. विचारों को करें धीमा
नकारात्मक विचार बार-बार दिमाग में घूमने से भी पैनिक अटैक आ जाता है। ऐसे में गहरी सांस ले और विचारमंथन को भी कम करें, ताकि दिमाग में चल रहे नकारात्मक विचारों को कम किया जा सके।

5. बादाम का सेवन
बादाम में पाए जाने वाले पोषक तत्व और मिनरल्स नर्वस सिस्टम और मस्तिष्क को शांत करते हैं। जब भी पैनिक अटैक आए 10-12 बादाम चबा लें।

6. ग्रीन टी
ग्रीन टी में एंटीऑक्‍सीडेंट और पॉलीफिनॉल पैनिक अटैक से जुड़े तनाव को कम करने में भी मदद करता है। पैनिक अटैक के लक्षण दिखने प तुरंत ग्रीन टी बनाकर पीएं। वहीं रोजाना कम से कम 2 कप ग्रीन टी का सेवन इसका खतरा कम करता है।