वॉशिंगटनः यौन शोषण के तमाम आरोपों के बीच सीनेट से नियुक्ति की पुष्टि होने के कुछ ही घंटे बाद ब्रेट कावानाह ने अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। सीनेट की सुनवाई और कावानाह के शपथ ग्रहण के दौरान बड़ी संख्या में लोग कैपिटोल हिल पर प्रदर्शन करते रहे। 53 वर्षीय कावानाह की नियुक्ति की पुष्टि सीनेट में 50-48 मतों से हुई।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित उम्मीदवार कावानाह की नियुक्ति की पुष्टि को नवंबर में होने वाले मध्यवधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है। गौरतलब है कि 1881 के बाद पहली बार किसी न्यायाधीश की नियुक्ति इतने कम मतांतर से हुई है। कावानाह को शनिवार की शाम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जॉन रॉबट्र्स ने शीर्ष अदालत के 114वें न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई।

न्यायमूर्ति रॉबट्र्स ने कावानाह को न्यायाधीशों के कॉन्फ्रेंस कक्ष में संवैधानिक शपथ दिलाई। वहीं, एसोसिएट जस्टिस (सेवानिवृत्त) एंथनी एम. केनेडी ने उन्हें न्यायिक शपथ दिलाई। इस दौरान कावानाह की पत्नी एश्ले कावानाह ने हाथों में परिवार का बाइबल पकड़ा हुआ था। कावानाह मृत्यु तक सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पद पर बने रह सकते हैं।

इस नियुक्ति ने अमेरिका में कानून पर अंतिम फैसला देने वाले नौ न्यायाधीशों की अदालत में रूढि़वादी नियंत्रण को और मजबूत कर दिया है वहीं, छह नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों के प्रचार के सिलसिले में कंसास में मौजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नियुक्ति की पुष्टि और शपथ ग्रहण के बाद कावानाह को फोन पर बधाई दी।