हम ने कांटों को भी नरमी से छुआ है अक्सर, लोग बेदर्द हैं फूलों को मसल देते हैं। शिरडी में ढाई हजार किलो फूल पहले कचरे में फैंके जाते थे, अब उनसे अगरबत्ती बनाई जा रही है। लपक पॉजिटिव स्टोरी। गुजरात में यूपी और बिहार वालों पे हमले वाली खबर भी यहां है। 44 बरस पहले बुच साब ने न्यू मार्केट में सब्जी मंडी के लिए जो दुकाने दी थीं उनमें से शायद ही अब कोई बची हो। अब वहां तीन मंजिला बाजार बनने वाली खबर उम्दा रही। डंपर की टक्कर से कार की हालत देख कर लगता है कि कोई नहीं बचा होगा। शुक्र है दोनों की जान बची। हमीदिया के हालात शायद कभी नहीं सुधरने वाले। एंबुलेंस से मरीज को लाने वाले उन्हें जमीन पे पटक कर चल देते हैं। स्ट्रेचर की कमी इसकी वजह है। खबर शायद जिम्मेदारों को नींद से जगाए। महाभारत पेज पे शानदार खबरें। हरसूद में टपरे में स्कूल वाली खबर आशीष चौहान ने निकाली।