हांगकांग: पंजाब नेशनल बैंक को 11300 करोड़ का चूना लगाकर चंपत हो जाने वाले भगौड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी का एक और घपला सामने आया है. अब ऐसे शख्स की कहानी सामने आई है, जिसने नीरव मोदी से अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज करने के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपए में दो हीरे की अंगूठी खरीदीं. लेकिन नीरव मोदी ने उसे भी नकली हीरे थमाकर उससे ये पैसे ठग लिए. जैसे ही ये बात उस शख्स को पता चली तो उसके पैरों के नीचे जमीन खिसक गई. इतना ही नहीं इस शख्स का अपनी मंगेतर से रिश्ता भी टूट गया. लेकिन जब उसने नीरव मोदी की सच्चाई को जाना तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

कनाडा के रहने वाले 36 वर्षीय पॉल अल्फांसो एक पेमेंट प्रोसेसिंग कंपनी में चीफ एग्जीक्यूटिव अफसर हैं. उनका ज्यादातर समय कनाडा के वैंकुवर और अमेरिका के कैलिफोर्निया के बीच ही बीतता है. इस साल जून महीने में अल्फांसो अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज करने वाले थे. इसके लिए उन्होंने नीरव मोदी के पास से 2 लाख डॉलर (करीब डेढ़ करोड़ रुपए) की दो अंगूठी खरीदीं. अल्फांसो की गर्लफ्रेंड ने उनका प्रपोजल स्वीकार कर लिया. उन्हें लगा कि उनकी जिंदगी में तमाम खुशियां आ गईं. लेकिन तब उन्हें नहीं पता था कि उनकी ये खुशियां बस चंद दिनों की मेहमान हैं. जैसे ही उन्हें पता चला कि ये रिंग्स नकली हीरे से बनी हैं, उनकी सारी खुशी काफूर हो गई. इतना ही नहीं उनका उनकी गर्लफ्रेंड से रिश्ता भी टूट गया. अब आपको बताते हैं कि अल्फांसो और नीरव मोदी किस तरह एक दूसरे के संपर्क में आए.

अल्फांसो ने बताया, ''अमेरिका में बेवरली हिल्स में एक कार्यक्रम में 2012 में पहली बार उनकी और नीरव मोदी की मुलाकात हुई. इसके थोड़े दिनों बाद दोनों फिर एक कार्यक्रम में मिले. इसके बाद मेल जोल का सिलसिला चल पड़ा. उसी समय नीरव मोदी ने मुझे बताया कि वह दुनिया के अलग अलग देशों में नीरव मोदी के नाम से बुटीक खोलना चाहता है. उसी समय उसने मुझे बताया कि वह इस प्लान पर कैसे काम कर रहा है. अल्फांसो ने कहा, नीरव मोदी मुझसे 10 साल बड़ा था. इसलिए वह मुझे एक बड़े भाई की तरह लगे.''

ये हम सभी जानते हैं कि नीरव मोदी का ताल्लुक हीरे का व्यापार करने वाले परिवार से है. लेकिन वह इस व्यापार में भी अपना ही कुछ अलग करना चाहता था. 1999 में उसने फायरस्टार डायमंड की स्थापना की. पहले वह लूज डायमंड का व्यापार करता था. इसके बाद उसने ज्वेलरी बनाना शुरू कर दिया और उन्हें दुनिया के अलग हिस्सों में बेचने की योजना बनाई. 2010 में उसने ट्रेडिंग शुरू कर दी. इसी क्रम में उसने न्यूयॉर्क, हॉन्गकॉन्ग और मकाउ में अपनी शॉप खोलीं. इसके बाद ही नीरव मोदी की अल्फांसो से मुलाकात हुई. दोनों की जल्द ही दोस्ती हो गई. अल्फांसो ने बताया कि वह बातचीत में उसका व्यवहार काफी दोस्ताना था. हम साथ में खाना खाते थे. लेकिन तब मुझे आभास भी नहीं था कि ये इंसान कुछ ऐसा करेगा. मैं हमेशा उससे एक खास जुड़ाव महसूस करता था.

इसके बाद दोनों के बीच कई सालों तक संपर्क टूट गया. इस साल अप्रैल में अल्फांसो के मन में अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज करने का विचार आया तो उसने उसे कुछ खास देना चाहा. इसके लिए उसने ईमेल से नीरव मोदी से संपर्क किया. वह इस बात से बिल्कुल अनिभिज्ञ था कि नीरव मोदी जनवरी में भारत में 11300 करोड़ का बैंक फ्रॉड कर चुका है. उसने नीरव मोदी को ईमेल लिखा, ''मैं अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज करना चाहता हूं. इसलिए मैं उसके लिए एक रिंग खरीदना चाहता हूं. मैं अभी मार्केट में ही हूं. मेरे पास इसके लिए करीब 1 लाख डॉलर का बजट है. क्या आप मेरे लिए कुछ कर सकते हैं.''

इस ईमेल पर नीरव मोदी ने उसी दिन जवाब दे दिया. उसने लिखा, ''मैं तुम्हारे सपने को सच कर खुद को गौरवान्वित महसूस करूंगा. पॉल मेरे पास तुम्हारे लिए एक शानदार रिंग है.'' इसके बाद नीरव मोदी ने अल्फांसो को 3.2 कैरेट राउंड का एक शानदार डायमंड सुझाया. उसने कहा, इसकी कीमत 1.20 लाख डॉलर होगी, लेकिन ये हीरा तुम्हें बिल्कुल निराश नहीं करेगा. पॉल अल्फांसो इसके लिए राजी हो गया. उसने कहा, वह रिंग जल्द से जल्द उसे भेजे. नीरव मोदी ने इसके दो हफ्ते का समय मांगा और कहा, जल्द ही मेरी असिस्टेंट आपसे कॉन्टेक्ट करेगी.

सब कुछ सही चल रहा था. रिंग बन चुकी थी, इसी दौरान अल्फांसो की गर्लफ्रेंड ने एक मैगजीन में एक दूसरी डिजाइन की रिंग देखी. इसके बाद उसने दूसरी रिंग की मांग कर दी. अल्फांसो ने दूसरी रिंग का भी ऑर्डर दे दिया. नीरव ने उसे 2.5 कैरेट ओवल डायमंड की 80 हजार डॉलर की दूसरी रिंग तैयार करके दी. इसी साल की 17 जून को दोनों अंगूठी वैंकुवर में डिलीवर हो गईं. नीरव ने अल्फांसो से कहा, वह इनके सर्टिफिकेट जल्द ही भिजवा देगा. इसके बाद अल्फांसो ने अपनी मंगेतर को प्रपोज कर दिया. लेकिन काफी दिन बीत जाने के बाद भी उसने इनके सर्टिफिकेट नहीं भेजे. अल्फांसो ने उसे कई ईमेल किए, लेकिन नीरव मोदी ने कोई जवाब नहीं दिया.

इसके बाद अल्फांसो की चिंता बढ़ी. अगस्त में जब हमने इनकी जांच कराई तो हमारे होश उड़ गए, दोनों हीरे नकली थे. ये जांच मेरी गर्लफ्रेंड ने कराई, जब उसने इस बारे में बताया तो उसे भरोसा ही नहीं हुआ. अल्फांसो ने कहा, मैंने उन पर 2 लाख डॉलर खर्च किए थे. वह नकली नहीं हो सकते थे. इसके बाद अल्फांसो को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उसने नीरव मोदी के बारे सर्च किया. तब उसे पता चला कि वह तो भारत में करोड़ों का घोटाला कर भाग चुका है. तब मुझे अहसास हुआ कि ये आदमी कितना बड़ा धोखेबाज है. उसके खिलाफ भारत में ही नहीं अमेरिका में भी शिकायत हो चुकी थी.

इसका असर अल्फांसो के निजी जीवन पर भी पड़ा. उनका उनकी गर्लफ्रेंड से रिश्ता टूट गया. उसके परिवार को लगा मैंने ये नकली हीरे खरीदकर उसे प्रपोज किया है. अल्फांसो ने कहा, इस घटना के दो दिन बाद ही हमारा रिश्ता टूट गया. उनका कहना है कि इसके बाद मैं डिप्रेशन में चला गया. अल्फांसो ने मोदी को 13 ईमेल लिखे हैं, लेकिन उसे एक का भी जवाब नहीं मिला है. अल्फांसो ने अब पोलिस का सहारा लिया है. न्यूयॉर्क और वैंकुवर में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है. उन्होंने कैलिफोर्निया के कोर्ट में नीरव मोदी के खिलाफ केस दायर किया है. इसमें 4.2 डॉलर हर्जाने की मांग की है.